अकराबाद के अधौन की जिस अवैध फैक्टरी से बनाकर जहरीली शराब पूरे जिले में बेची गई थी, उस अवैध फैक्टरी से जब्त माल शुक्रवार को न्यायालय लाया गया। डंफर में लादकर यह माल दीवानी पहुंचा। मगर माल अधिक होने के कारण शिनाख्त व गिनती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब इस मामले में 17 तारीख नियत कर दी गई है। वहीं वादी के बयान जरूर दर्ज किए गए। मगर जिरह की प्रक्रिया अगली तारीख पर होगी।
जहरीली शराब कांड के अकराबाद के इस मुकदमे का ट्रायल एडीजे-9 की अदालत में चल रहा है। एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार अधौन की शराब फैक्टरी से जब्त किया गया माल व गवाही के लिए वादी शुक्रवार को तलब थे। माल डंफर में लादकर दीवानी लाया गया। इस दौरान न्यायालय के पेशकार, अभियोजन अधिवक्ता व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने गिनती व शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू करानी चाही। मगर माल अधिक होने और समय कम होने के कारण न्यायालय से इसके लिए समय मांगा गया। इस पर न्यायालय ने 17 तारीख नियत कर दी है। वहीं वादी के बयान दर्ज किए गए हैं, जबकि जिरह अगली तारीख पर होगी। इस मामले में सभी शराब माफिया मुख्य आरोपी हैं।
बेटे संग पेश हुआ ऋषि, फिर उठाई सीबीआई जांच की मांग
अलीगढ़। इस मुकदमे में शराब माफिया ऋषि सहित अन्य आरोपी न्यायालय में तलब किए गए थे। जिनमें ऋषि का बेटा कुनाल भी शामिल था। ऋषि के अधिवक्ता रामअवतार सिंह के अनुसार इस दौरान कुनाल ने बातचीत में बताया है कि 28 मई को जिस दिन उसे व उसकी मां को घर से पुलिस ने उठाया, उस दिन उसकी बेटी का नामकरण था। पुलिस हमें ले गई, हमारे पास उसकी रिकार्डिंग है। किसी तरह की बरामदगी हमारे घर से नहीं हुई। यह साजिश के तहत किया गया। अब जमानत होने के बाद जेल में हमारी मां की हत्या कर दी गई। इस मामले में जेल अधिकारी खुद पर दबाव की बात कहते हैं। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग उठाई है।
कारोबारी विजेंद्र कपूर सहित तीन की जमानत अर्जियां खारिज
अलीगढ़। अपर सत्र न्यायालयों से जहरीली शराब कांड से जुड़े अलग-अलग मुकदमों में कारोबारी विजेंद्र कपूर सहित तीन आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज की गई हैं। लोधा के मुकदमे में एडीजे प्रथम के न्यायालय से और जवां के मुकदमे में एडीजे-9 की अदालत से यह जमानतें खारिज की गई हैं। एडीजे प्रथम के एडीजीसी अमर सिंह तोमर के अनुसार उनकी अदालत से विजेंद्र कपूर, उनके सहयोगी सुमित शर्मा व दिलीप उर्फ छोटू की जमानत खारिज की गई है। इसी तरह एडीजे 9 के एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार उनके यहां से विजेंद्र कपूर व उनके सहयोगी सुमित शर्मा की जमानत खारिज की गई हैं। दोनों मुकदमों में शराब से मौतों का आरोप है।