रविवार एवं सोमवार को हुई बारिश से जिले के 9125.99 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बर्बाद हुई है। कुल 29142 किसान प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान इगलास एवं खैर तहसील में हुआ है। सबसे कम नुकसान अतरौली तहसील में हुआ है। जिला प्रशासन ने सर्वे कर बारिश से फसल नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। रिपोर्ट में किसानों को 12 करोड़, 36 लाख, नौ हजार 307 रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है। यह रिपोर्ट देर शाम शासन को भेज दी गई है।
रविवार एवं सोमवार को जिले में भारी वर्षा एवं तेज हवाओं से धान किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा था। बारिश व तेज हवाओं के चलते खेतों में कटी पड़ी फसल तो बर्बाद हुई ही, साथ ही खड़ी फसल की बालियां भी गिर गईं। डीएम के आदेश पर राजस्व व कृषि विभाग की टीमें पिछले दो दिनों से नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हुई थीं। बुधवार देर सायं यह रिपोर्ट आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इगलास व खैर तहसील में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इगलास में 2410 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल बर्बाद हुई है और 7590 किसान प्रभावित हुए हैं। इनके लिए 3 करोड़ 25 लाख, 35 हजार रुपया मुआवजा राशि प्रस्तावित की गई है। खैर तहसील क्षेत्र में 7358 किसानों की 2337 हेक्टेयर में लगी धान की फसल बर्बाद हुई है। सबसे कम नुकसान अतरौली तहसील क्षेत्र में हुआ है। यहां मात्र 1036.8 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल प्रभावित हुई है।
तहसीलवार नुकसान व मुआवजे की स्थिति
- कोल तहसील- प्रभावित किसान-6674, क्षेत्रफल-2019.69 हेक्टेयर, मुआवजा-21265957 रुपये
- अतरौली तहसील- प्रभावित किसान-3640, क्षेत्रफल-1036.8 हेक्टेयर, मुआवजा-13996800 रुपये
- खैर तहसील- प्रभावित किसान-7358, क्षेत्रफल-2337 हेक्टेयर, मुआवजा-31559500 रुपये
- गभाना तहसील- प्रभावित किसान-3880, क्षेत्रफल-1322.5 हेक्टेयर, मुआवजा-18252050 रुपये
- इगलास तहसील- प्रभावित किसान-7590, क्षेत्रफल-2410 हेक्टेयर, मुआवजा-32535000 रुपये
13500 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मिलेगा मुआवजा
अलीगढ़। आपदा प्रबंधन के नोडल अफसर व एडीएम वित्त एवं राजस्व विधान जायसवाल ने बताया कि 33 फीसदी से अधिक नुकसान वाले जिले के 29142 किसानों को 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। अधिकतम दो हेक्टेयर में बर्बाद हुई धान की फसल का मुआवजा मिलेगा।
सीधे खातों में डाली जाएगी मुआवजा राशि
एडीएम वित्त ने बताया कि इस बार मुआवजा या क्षतिपूर्ति राशि देने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब लेखपाल क्षतिपूर्ति राशि पाने वाले किसान का नाम, पता, खतौनी, पिता का नाम, गांव का नाम, प्रभावित रकबा व मुआवजा राशि समेत अन्य विवरण ऑनलाइन भरकर शासन को भेजेंगे। पूर्व में यह ब्योरा मुआवजा देने के बाद दर्ज किया जाता था। अब यह सब ऑनलाइन होगा।
बीमा राशि भी मिलेगी, लगेंगे कैंप
एडीएम वित्त ने बताया कि प्रभावित बीमित धान किसानों को क्षतिपूर्ति के अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का भी लाभ मिलेगा। इसके लिए बृहस्पतिवार से जिले की पांचों तहसीलों में कैंप लगेंगे। इन कैंपों में बीमा करने वाली संस्था के पदाधिकारियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। अब तक जिले के 16500 बीमित किसानों में से 200 ने बीमा राशि के लिए आवेदन किए हैं।
घर बैठे रिपोर्ट तैयार करने पर लेखपाल निलंबित
जिलाधिकारी के आदेश पर जहां एक ओर राजस्व टीमें बारिश से हुए फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने में दिन रात एक किए थीं, वही कोल तहसील के लेखपाल सूरजपाल ने घर बैठे ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर डाली। मामले का खुलासा होने पर एसडीएम कोल ने उन्हें निलंबित कर दिया है।