बेशक नोएडा पुलिस ने शराब मिलने का स्थान कुराना रजवाहे के आसपास टप्पल में बताया हो, मगर पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो हकीकत में तीनों कूड़ा बीनने वालों की पिछले एक सप्ताह की मोबाइल लोकेशन इस बात की गवाही दे रही है कि वे टप्पल तक आए ही नहीं हैं। वे जेवर के आसपास के क्षेत्र में ही भ्रमणशील रहे हैं। घटना वाली शाम टप्पल की ओर आए जरूर हैं। मगर वे टप्पल सीमा से काफी पहले ही रुके हैं और वहीं उन्होंने पड़ी मिली शराब पी है। चूंकि वह बंबा कुराना बंबा के नाम से जाना जाता है, इसलिए जेवर पुलिस ने इस मामले में अपनी जान बचाने या कहें गेंद दूसरे पाले में डालने के लिए कुराना बंबा को टप्पल से जोड़ दिया है।
नूरपुर बंबे पर मिला माल, बयान कुराना बंबा का क्यों?
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य ये भी है कि जब जेवर के तीन लोगों के शराब पीने से बीमार होने की खबर पर जेवर पुलिस ने जांच शुरू की तो वह टप्पल बॉर्डर के ही नूरपुर बंबा पर आई। वहीं उन्हें लोगों ने घटनास्थल बताया और वहीं से शराब के पौवे आदि बरामद किए। जिसका वीडियो आदि भी बनाया गया। उनकी मदद में अलीगढ़ पुलिस भी पहुंची। जो टप्पल सीमा से काफी बाहर है। इसके बाद नोएडा पुलिस द्वारा जो बयान जारी किए जा रहे हैं, उसमें घटनास्थल कुराना बंबा बताया गया है जो नूरपुर बंबा से 5 किमी अंदर टप्पल से सटा हुआ है। इसे लेकर भी जेवर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।