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अलीगढ़ः अब टप्पल में जेवर बॉर्डर पर निकला जहरीली शराब का जिन्न, जांच में जुटी पुलिस

Thu, 19 Aug 2021 01:30 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

यहां 16 अगस्त को कूड़ा बीनने वाले तीन लोगों ने कूड़े में मिली शराब पी ली, जिससे उनकी मौत हो गई। यह शराब कहां से आई और किसने फेंकी, इसे लेकर जेवर व अलीगढ़ पुलिस अपने-अपने स्तर से जांच कर रही हैं।
 
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अलीगढ़ जहरीली शराब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश भर की सुर्खियों में रहे जहरीली शराब कांड का जिन्न एक बार फिर निकल आया है। इस बार यह जिन्न जिले के टप्पल से सटे जेवर बॉर्डर पर सामने आया है। यहां 16 अगस्त को कूड़ा बीनने वाले तीन लोगों ने कूड़े में मिली शराब पी ली, जिससे उनकी मौत हो गई। यह शराब कहां से आई और किसने फेंकी, इसे लेकर जेवर व अलीगढ़ पुलिस अपने-अपने स्तर से जांच कर रही हैं।

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मगर फौरी जांच में सामने आया है कि यह शराब नोएडा के ठेकों के लिए आवंटित की गई थी। पुलिस ने क्यूआर कोड के आधार पर यह बात साफ कर ली है। वहीं अलीगढ़ पुलिस ने एक बार फिर नहरों व रजवाहों में शराब चेकिंग शुरू करा दी है, जिसमें जिलाधिकारी से वार्ता कर सिंचाई विभाग को लगाया गया है।

मई माह के अंत में अपने जिले के लोधा, जवां, पिसावा, टप्पल, क्वार्सी, महुआ खेड़ा, अकराबाद में जहरीली शराब पीने से मौतें हुई थीं। 109 लोगों की मौत के इस कांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। मौत का क्रम शुरू होने के क्रम में जब पुलिस ने घेराबंदी शुरू की तो शराब माफिया ने जहरीली शराब ठेकों से हटाकर नहरों, रजवाहों में फेंकना शुरू किया।
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जवां व अकराबाद में भट्ठा मजदूरों ने नहरों में पड़ी मिली शराब पी और वे भी जान गवां बैठे। उस समय नहरों व रजवाहों में चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी बीच पुलिस जांच में साफ हुआ कि तालानगरी की एक फैक्टरी से मिथाइल अल्कोहल अवैध शराब बनाने वालों को बेचा गया, जिसे मिलाकर शराब बनाकर ठेकों पर बेची गई। उसे पीने से लोगों की मौत हुई। उसी समय यह तथ्य भी सामने आया था कि शराब सप्लायरों ने अपने जिले के साथ-साथ बुलंदशहर व हाथरस तक में शराब बेची थी।

इधर, 16 अगस्त की शाम एक नया वाकया जेवर-टप्पल बॉर्डर पर कुराना बंबा के पास सामने आया। यहां कूड़ा बीनने वाले तीन लोगों को बंबे के सहारे कूड़े में देशी शराब पड़ी मिली। इन तीनों ने ये शराब पी ली। जिनमें से एक की जेवर स्वास्थ्य केंद्र में और दो लोगों की दिल्ली के सफदरजंग में मौत हो गई। इस सूचना पर जेवर के साथ-साथ अलीगढ़ पुलिस भी हरकत में आई।

मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई। जांच में पाया कि देशी शराब के जो पौवे मौके पर मिले, उनके बार कोड गवाही दे रहे हैं कि वे नोएडा के ठेकों के लिए आवंटित थे। फिलहाल दोनों जिलों की पुलिस इस शराब को फेंकने वालों की जांच कर रही हैं। वहीं एसएसपी ने जिलाधिकारी से वार्ता कर एक बार फिर से जिले की सीमाओं वाले रजवाहों व नहरों में सघन चेकिंग शुरू करा दी है। इसमें सिंचाई विभाग के साथ-साथ संबंधित थानों की पुलिस लगाई गई है।

टप्पल बॉर्डर पर जेवर के तीन लोगों को शराब पड़ी मिलने और उसे पीने से उनकी मौत का मामला सामने आने पर एक बार फिर चेकिंग शुरू कराई गई है। सभी बॉर्डर के रजवाहे, माइनर व नहरों में चेकिंग कराई जा रही है। किसी भी तरह से यह निश्चित किया जाएगा कि कहीं कोई मौत अब शराब से न हो।
- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
 

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मोबाइल लोकेशन दे रही सच की गवाही

बेशक नोएडा पुलिस ने शराब मिलने का स्थान कुराना रजवाहे के आसपास टप्पल में बताया हो, मगर पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो हकीकत में तीनों कूड़ा बीनने वालों की पिछले एक सप्ताह की मोबाइल लोकेशन इस बात की गवाही दे रही है कि वे टप्पल तक आए ही नहीं हैं। वे जेवर के आसपास के क्षेत्र में ही भ्रमणशील रहे हैं। घटना वाली शाम टप्पल की ओर आए जरूर हैं। मगर वे टप्पल सीमा से काफी पहले ही रुके हैं और वहीं उन्होंने पड़ी मिली शराब पी है। चूंकि वह बंबा कुराना बंबा के नाम से जाना जाता है, इसलिए जेवर पुलिस ने इस मामले में अपनी जान बचाने या कहें गेंद दूसरे पाले में डालने के लिए कुराना बंबा को टप्पल से जोड़ दिया है।

नूरपुर बंबे पर मिला माल, बयान कुराना बंबा का क्यों?
इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य ये भी है कि जब जेवर के तीन लोगों के शराब पीने से बीमार होने की खबर पर जेवर पुलिस ने जांच शुरू की तो वह टप्पल बॉर्डर के ही नूरपुर बंबा पर आई। वहीं उन्हें लोगों ने घटनास्थल बताया और वहीं से शराब के पौवे आदि बरामद किए। जिसका वीडियो आदि भी बनाया गया। उनकी मदद में अलीगढ़ पुलिस भी पहुंची। जो टप्पल सीमा से काफी बाहर है। इसके बाद नोएडा पुलिस द्वारा जो बयान जारी किए जा रहे हैं, उसमें घटनास्थल कुराना बंबा बताया गया है जो नूरपुर बंबा से 5 किमी अंदर टप्पल से सटा हुआ है। इसे लेकर भी जेवर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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