खुदरा एवं थोक व्यापारियों को एमएसएमई का दर्जा प्रदान किया गया है, लेकिन लघु उद्योग भारती इसके पक्ष में नहीं है। लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई राज्यमंत्री को ज्ञापन देकर फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
एमएसएमई राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह बुधवार को अलीगढ़ आए थे। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष गौरव मित्तल के तालानगरी स्थित फैक्टरी पर भी पहुंचे और उद्यमियों से बातचीत की। लघु उद्योग भारती के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार के उस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की, जिसके अंतर्गत खुदरा एवं थोक व्यापारियों को एमएसएमई का दर्जा दिया गया है। इससे संबंधित एक ज्ञापन भी राज्यमंत्री को सौंपा। गौरव मित्तल ने कहा कि एमएसएमई को पहले से ही पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। केंद्र सरकार के नए निर्णय से उसमें व्यापारिक इकाइयों का समावेश हो जाएगा। इसकी वजह से ऋण राशि में बंटवारा होगा और सूक्ष्म एवं लघु विनिर्माण उद्योग की आर्थिक समस्या बढ़ेगी। भविष्य में इसका बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि घोषित नीति के कारण मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसी संकल्पनाओं पर असर पड़ेगा। इस अवसर पर अजय पटेल, प्रहलाद सिंह चौहान, तरुण सक्सेना, नीरज अग्रवाल आदि मौजूद थे।