मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में संचालित जनसुनवाई पोर्टल पर अलीगढ़ की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। इस पोर्टल की प्रदेश स्तर की रैकिंग में अलीगढ़ 69वें स्थान पर है। इसी तरह से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले प्रमुख 14 कार्यों की रैकिंग में अलीगढ़ मंडल 18वें पायदान पर है। जिले और मंडल की ये रैकिंग प्रदेश में सबसे निचले स्तर की कही जा सकती है, क्योंकि प्रदेश में कुल 75 जिले और 18 मंडल ही हैं। जिले में कुल 461 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। जिसमें 70 शिकायतों के साथ सहायक विकास अधिकारी पहले, 56 शिकायतों के साथ नगर आयुक्त दूसरे और 39 मामलों को लटकाए रखने में तहसीलदार स्तर के अधिकारी तीसरे नंबर पर चल रहे हैं।
नवागत सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने इस स्थिति को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर रोजाना समीक्षा शुरू कर दी है। बुधवार को उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द इन शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौर हो कि अमर उजाला ने हाल ही में इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें मंडलायुक्त गौरव दयाल के पत्र का हवाला दिया गया था। मंडलायुक्त ने इस लापरवाही पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीडीओ को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार बताया था। इसके बाद नवागत सीडीओ ने सख्ती बढ़ा दी है।
आलम ये है कि पीएमजीएसवाई स्तर पर 1, नगर निकाय स्तर पर 2, अधिशासी अभियंता यांत्रिक स्तर पर 14, अधिशासी अभियंता सिंचाई जल संसाधन स्तर पर 6, अधिशासी अभियंता विद्युत स्तर पर 4, अधीक्षण अभियंता विद्युत स्तर पर 1, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व दैवी आपदा स्तर पर 5, नगर निगम स्तर पर 2, एसडीएम अतरौली स्तर पर 5, एसडीएम इगलास स्तर पर 4, एसडीएम कोल स्तर पर 1, एसडीम गभाना स्तर पर 4, उप कृषि निदेशक स्तर पर 7, लीड बैंक मैनेजर स्तर पर 2, औषधि एवं खाद्य प्रशासन स्तर पर 2, पुलिस स्तर पर 4, खंड शिक्षा अधिकारी स्तर पर 12, खंड विकास अधिकारी स्तर पर 16, खनन विभाग पर 9, आबकारी विभाग पर 5, उद्यान स्तर पर 1, एनआरएलएम स्तर पर 1, डीपीआरओ स्तर पर 26, डीआईओएस स्तर पर 1, समाज कल्याण विभाग पर 15, सेवायोजन स्तर पर 1, तहसीलदार स्तर पर 39, पुलिस थाना अध्यक्ष स्तर पर 32, नगर आयुक्त स्तर पर 56, परियोजना अधिकारी स्तर पर 5, परियोजना निदेशक डीआरडीए पर 2, स्वास्थ्य विभाग स्तर पर 36, बेसिक शिक्षा अधिकारी पर 11, सीएमओ स्तर पर 8, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी स्तर पर 4, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर 2, डाकघर स्तर पर 2, श्रम प्रवर्तन कार्यालय पर 6, रोडवेज स्तर पर 16 और सहायक विकास अधिकारी स्तर पर 70 समेत जनपद स्तर पर कुल 461 शिकायतें लंबित है।