कोरोना वायरस से लड़ रहे मरीजों से धरती के भगवान भी दूरी बना रहे हैं। जीवन ज्योति कोविड एल-1 में भर्ती मरीजों ने कोरोना कंट्रोल रूम द्वारा लिए गए फॉलोअप में अपना दर्द बयां किया। मरीजों ने बताया कि उनका नियमित परीक्षण नहीं हो रहा है। डाक्टर उनको देखने तक नहीं आ रहे हैं।
डीएम के सामने सोमवार को यह बात कोरोना कंट्रोल रूम की प्रभारी स्मृति गौतम ने रखी तो उनका पारा चढ़ गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि डाक्टरों को सख्त लहजे में बता दिया जाए कि मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ मंजूर नहीं होगा। डाक्टर का धर्म निभाते हुए मरीजों की देखभाल और नियमित परीक्षण करें। इसके साथ ही मरीजों का परीक्षण करने के दौरान वीडियो बनाएं और कोरोना कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर अब चेतावनी की बजाए सीधे कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि इससे पहले कोविड एल-1 जीवन ज्योति अस्पताल में मरीजों को भरपेट खाना नहीं मिलने की शिकायत हुई थी। एसडीएम कोल ने मौके पर जांच की। उन्होंने शिकायत दर्ज कराने वाले मरीजों से पूछताछ की। जांच में शिकायत सही पाइ गई। इस पर उन्होंने मरीजों को चार के स्थान पर छह रोटी एक बार की थाली में दिए जाने व वहां के स्टाफ को फटकारते हुए अन्य सभी सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे।