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सुकून से बीता जुमा, कड़े पहरे में पढ़ी गई नमाज

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नागरिकता संशोधन कानून की मुखालफत के क्रम में शुक्रवार को जुमे का दिन शहर में कड़ी सुरक्षा के बीच सुकून से बीता। संवेदनशील इलाकों की प्रमुख मस्जिदों में जुमे की नमाज पढ़ी गई और लोग नमाज पढ़ने के बाद घरों को लौट गए। नमाज के दौरान शहर व देश में अमन-चैन की दुआएं की गईं। इस दौरान कहीं से किसी तरह के विरोध या प्रदर्शन की सूचना नहीं आई। शहर में दिन भर सुकून रहने पर पुलिस प्रशासनिक अमले ने भी खुदा का शुक्रिया अदा किया और शाम को सारी आशंकाओं, संशय के बादल लोगों की समझदारी से छंटने के बाद इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं। इस दौरान ऊपर कोट जामा मस्जिद, शाहजमाल, जमालपुर व एएमयू सर्किल सहित संवेदनशील इलाकों में मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रखे गए। हाई अलर्ट के बीच सेक्टर स्कीम प्रभावी रख शहर में भी पुलिस बल व मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
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ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद में नमाज से पहले ही मस्जिद के तीनों दरवाजों पर आरएएफ, पुलिस कर्मी तैनात हो गए, जो नमाज के खत्म होने के काफी देर तक रहे। ऊपरकोट को आने वाले दोनों तरफ के रास्तों पर बैरीकेडिंग की गई थी। सुरक्षाकर्मी तैनात थे। सराय मियां, तुर्कमान गेट, काला महल, पठान मोहल्ला सहित अन्य मुस्लिम इलाकों की मस्जिदों से नमाज पढ़कर निकले लोगों ने खरीदारी कर अपने घर लौट गए। शांतिपूर्ण ढंग से नमाज खत्म होने के बाद पुलिस अफसरों व सुरक्षा कर्मियों ने राहत की सांस ली। इस दौरान डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी आकाश कुलहरि, एडीएम सिटी राकेश मालपानी, एसपी सिटी अभिषेक, सीडीओ अनुनय झा, एसपी क्राइम डॉ.अरविंद सहित पूरा पुलिस प्रशासनिक अमला शहर में भ्रमण शील रहा और हालात का जायजा लेते रहे। शहर भर में कुल 83 सेक्टर व 32 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात रहे। शाम 5 बजे के बाद तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार हालात सामान्य रहने पर इंटरनेट सेवाएं भी बहाल कर दी गईं।
शाहजमाल में ईदगाह के सामने तैनात रहे सुरक्षाकर्मी
इस जुमे को शाहजमाल में शांति रही। 20 दिसंबर को नमाज पढ़ने के बाद करीब दोपहर सवा तनी बजे सैकड़ों लोग शाहजमाल स्थित ईदगाह पर एकत्र हो गए। पुलिस अफसरों को उनके एकत्र होने की खबर मिली। आनन-फानन फोर्स मौके पर पहुंच गया, जहां उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया था। काले झंडे दिखाए और नारेबाजी भी की थी। करीब तीन घंटे तक उपद्रवी प्रदर्शन करते रहे। पिछले शुक्रवार की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। इसलिए फोर्स तैनात कर दिया गया।
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जमालपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई नमाज
जमालपुर में भी जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण माहौल में हुई। फिजा में अमन चैन का माहौल रहा। बाजार पहले की तरह ही रौनक में डूबे नजर आए। किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर कोई तनाव नहीं रहा। यहां पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में करीब डेढ़ बजे हुई नमाज के बाद लोग अपने-अपने घरों को चले गए। 15 दिसंबर की रात के बाद अगले दिन जिस प्रकार का जमालपुर में माहौल रहा। शुक्रवार को जमालपुर वासियों ने उसके विपरीत जाकर शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखते हुए मिसाल पेश की। नमाज खत्म होने के बाद इलाके के कई मौअज्जिज लोगों ने पुलिस अधिकारियों से आकर वार्ता की। अधिकारियों को इलाके में शांति बनाए रखने का आश्वासन दिया।
एएमयू जामा मस्जिद में हुई नमाज, बाहर फोर्स का पहरा
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर चल रहे विरोध के दौरान एएमयू की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी गई। यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों, स्टाफ आदि के साथ रिसर्च छात्र सहित काफी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़ी। नमाज के बाद कोई भी जुलूस या मार्च नहीं निकाला गया। हालांकि, इस दौरान भारी संख्या में फोर्स तैनात रहा। इसके अलावा एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लाक के बाहर सड़क के एक ओर बैरीकेडिंग कर उसे ब्लाक कर दिया गया, जबकि एक ओर आधी बैरीकेडिंग लगी है। यूनिवर्सिटी सर्किल की ओर आने वाले रास्तों की ओर भी बैरीकेडिंग रही। आईजी खान तिराहे पर भी फोर्स तैनात रहा।
अलीगढ़ में रहे अमन-चैन : शहर मुफ्ती
जामा मस्जिद में नमाज पढ़कर नेशनल हास्पिटल ऊपरकोट में लोगों से मिलने पहुंचे शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि वो जब तक जिंदा हैं, शहर व देश में अमन-चैन की दुआएं करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मजहब चाहे किसी का भी हो, सभी में इंसानियत की बात कही गई है।
8 ड्रोन कैमरे, 18 वीडियो कैमरे और 150 सीसीटीवी से की गई निगरानी
जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया। शुक्रवार सुबह से मुस्तैद प्रशासन ने यहां पर 8 ड्रोन कैमरों, 18 वीडियो कैमरों और 150 सीसीटीवी से निगरानी शुरू की। यहां पर आरआरएफ, आरएएफ, पीएसी और पुलिस के साथ अलग-अलग थानों का फोर्स लगाया था। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस-प्रशासन की अमन चैन की पहल का पूरा साथ दिया। आठ ड्रोन कैमरे, 18 वीडियो फोटोग्राफी कैमरे और लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों से पूरे शहर के अति संवेदनशील और संवेदनशील इलाकों की निगरानी में लगाए गए थे। हर एक घंटे में मानीटरिंग होती रही। मानीटरिंग में जो तथ्य सामने आए, उनसे तुरंत पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया।
हमारा शहर लगातार अमन की ओर लौट रहा है। इसके लिए शहर के लोग बधाई के पात्र हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्वक ढंग से पढ़ी गई और नमाज के बाद हालात पूरी तरह सामान्य रहे। पुलिस प्रशासनिक स्तर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे जो आगे भी प्रभावी रहेंगे।-आकाश कुलहरि एसएसपी

ऊपरकोट जामा मस्जिद पर जुमा की नमाज अदा करते नमाजी।- फोटो : CITY OFFICE

ऊपरकोट जामा मस्जिद के बाहर जुमा की नमाज के दौरान तैनात आरएएफ के जवान।- फोटो : CITY OFFICE

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