क्वार्सी क्षेत्र के शहंशाहबाद में सात वर्ष पूर्व पत्नी को छेनी-हथौड़ों से मौत के घाट उतारने वाले पति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अनुपम सिंह की अदालत ने ट्रायल शुरू होने के 45 दिन में मिशन शक्ति अभियान के तहत सुनाया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार, घटना 19/20 जलाई 2015 की है। मूल रूप से अटेरना पहासू बुलंदशहर का रहीस पत्नी-बच्चों के साथ शहंशाहबाद क्वार्सी में किराये पर रहता था। घर में पत्नी नूरजहां के अलावा तीन बेटियां व एक बेटा है। रहीस दंपती की शादी करीब 18 वर्ष पूर्व हुई थी। रहीस अपनी पत्नी पर शक करता था। कहता था कि वह उसकी हत्या करा देगी। इसे लेकर अक्सर मारपीट करता था। इसी संदेह में घटना वाली रात उसने बच्चों को सोने के बाद पत्नी को अंदर कमरे में बुलाया और छेनी हथौड़ों से काटकर उसकी हत्या कर दी। इसी बीच बड़ी बेटी फरीना जाग गई। उसने अपने पिता को यह करते देखा तो वह भाग गया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी कर चार्जशीट दायर की। मामले में 11 मई 2022 पहली गवाही शुरू हुई। जिसमें वादी के बाद बड़ी बेटी फरीना सहित कई गवाह पेश हुए। इसी आधार पर आरोपी को उम्रकैद व 20 रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने में से 50 फीसद राशि बच्चों को देने के आदेश दिए हैं।
पुलिस अभिरक्षा से भागा था आरोपी
आरोपी दो वर्ष पूर्व दीवानी में पेशी पर आने के दौरान अभिरक्षा से भाग गया था, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसका मुकदमा आज भी लंबित है।
दहेज हत्या में पति और सास को सुनाई सजा
अलीगढ़। सत्र न्यायाधीश डॉ.बब्बू सारंग की अदालत से दहेज हत्या के मुकदमे में आरोपी पति व सास को सजा सुनाई गई है। डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, घटना 10 मई 2022 की है। वादी सोरों कासगंज के रामअवतार की ओर से पालीमुकीमपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमे के अनुसार उसने अपनी बहन नीता की शादी 8 मई 2021 टोड़रपुर पालीमुकीमपुर के दिनेश संग की थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा और बाइक व जंजीर की मांग को लेकर घटना वाली सुबह उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। इस खबर पर मायके पक्ष के लोग यहां आए। मामले में पुलिस को सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे में नामजद पति दिनेश व सास सरोज के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दायर की। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान दोनों को दोषी पाते हुए पति को दस वर्ष व सास को सात वर्ष की सजा और दोनों को पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। ब्यूरो
किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को उम्रकैद
मडराक क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मुकदमे में दोषी युवक को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे विशेष पॉक्सो नंद प्रताप ओझा की अदालत से सुनाया गया है। खास बात है कि दस माह पुरानी इस घटना का त्वरित ट्रायल मिशन शक्ति अभियान के तहत किया गया। यह प्रदेश के सूचीबद्ध मुकदमों में शामिल था। इसका ट्रायल फरवरी माह में शुरू कराया गया था।
अभियोजन अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजन महेश सिंह के अनुसार, घटना 23 अगस्त 2021 की है। 10वीं की पढ़ाई कर चुकी 15 वर्षीय किशोरी को गैर समुदाय का आरोपी आबिद फुसलाकर ले गया। अगले दिन मुकदमे के आधार पर पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया। किशोरी के बयान व मेडिकल परीक्षण की प्रक्रिया कराई गई। न्यायालय में चार्जशीट पेश की गई। अदालत में 23 फरवरी 2022 को आरोप तय हुआ और गवाही शुरू कराई गई। इस दौरान वादी, पीड़ित, मुकदमा लेखक, डॉक्टर व दो विवेचक पेश किए गए। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर अदालत ने आबिद को दोषी करार देकर उम्रकैद व 60 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में 25 हजार रुपये पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।