फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : पुलिस अभिरक्षा में युवक की तबियत बिगड़ी, दो दरोगा, तीन सिपाही लाइन हाजिर

विज्ञापन
जेएन मेडिकल कॉलेज में युवक को देखने पहुंचे लोग। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
गल्ला आढ़ती संग लूट के मामले में पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवक की तबियत बिगड़ने पर उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने आरोपी राहुल को हिरासत में लेने वाली टीम में शामिल रहे छर्रा के दरोगा वीर सिंह, गंगीरी के दरोगा हेमंत, छर्रा के सिपाही अभिलाष, अंकुर मलिक, पाली के सिपाही मनोज को लाइन हाजिर कर दिया है। पूरे प्रकरण की जांच सीओ छर्रा को जांच सौंपी गई है और राहुल के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन

29 अप्रैल को छर्रा क्षेत्र में छौगवां मोड़ पर बाइक में टक्कर मारकर कार सवार बदमाशों ने बिजौली के गल्ला व्यापारी मनोज सिंघल से लूट की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस एक आरोपी को पूर्व में जेल भेज चुकी है। तीन आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। तीन दिन पूर्व पुलिस ने छौगवां के राहुल चौधरी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पुलिस अभिरक्षा में राहुल की तबियत बिगड़ गई, जिसे पुलिस ने जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। राहुल के चाचा तेजवीर सिंह ने बताया कि 11 मई की दोपहर राहुल की उनसे आखिरी बार बात हुई थी, तब वह इस घटना में नाम आने पर हाजिर होने की बात कह रहा था। आरोप है कि पुलिस हिरासत में लेने के बारे में भ्रामक जानकारी दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री देने से राहुल की तबियत बिगड़ी है। 14 मई की शाम को सिपाही उनके घर पहुंचा और बताया कि राहुल की तबियत खराब है, वह जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। 15 मई को वह परिजनों के साथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन राहुल से नहीं मिलने दिया गया। सोमवार को तमाम प्रयास व दबाव के बाद राहुल से मिलवाया गया, वह गंभीर हालत में है। पुलिस आरोपी राहुल पर आठ मुकदमे बता रही है, यह मुकदमे अलीगढ़, कासगंज, हापुड़ में हैं। परिवार की जानकारी के अनुसार, परिवार का कहना है कि अगर वह लूट में शामिल है तो उसे जेल भेजते। उन्होंने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारयों से जांच व कार्रवाई का अनुरोध किया है। उसी के बाद एसएसपी ने यह कार्रवाई की है।
विज्ञापन

इस संबंध में इंस्पेक्टर छर्रा हरी विलास का कहना है कि आरोपी को 13 मई की देर शाम दरोगा वीर सिंह व दो सिपाही लोकेशन के आधार पर गाजियाबाद से पकड़कर ला रहे थे, तभी रास्ते में उसकी अचानक तबियत बिगड़ गई। दरोगा ने बताया था कि वह उल्टियां कर रहा है और बेहोशी छा रही है। इस पर उसे थाने लाने के बजाय जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, तभी से उपचार चल रहा है। थर्ड डिग्री जैसे आरोप निराधार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें