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अलीगढ़ : छह किमी सड़क बने तो जाम से जूझते क्वार्सी - एटा चुंगी चौराहों का बोझ घटे

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ओजोन सिटी चौराहे से सिधौली रोड तक खराब खस्ताहाल सड़क। - फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा
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शहर के दो मुख्य व्यस्त चौराहे क्वार्सी और एटा चुंगी पर दिन भर लगने वाला जाम और उसमें फंसने का दंश शायद ही कोई ऐसा हो, जिसे यहां से गुजरने पर न मिले। सुधार के तमाम प्रयास और दावे होते हैं। मगर कुछ ऐसे विकल्प भी हैं, जिन पर सिस्टम की दोगली नीति साफ दिखाई देती है। जब भी सिस्टम को किसी वीवीआईपी मूवमेंट या अन्य आपात स्थिति में जरूरत होती है तो दोनों चौराहों पर बाहरी और भारी यातायात प्रतिबंध के साथ डायवर्जन लागू कर दिया जाता है। विकल्प के तौर पर रामघाट रोड को जीटी रोड से जोड़ने वाले बदहाल सांगवान - ओजोन रोड का प्रयोग किया जाता है। मगर इस विकल्प को स्थायी बनाने पर किसी का ध्यान क्यों नहीं? अगर यह विकल्प स्थायी बने तो जाम से जूझने वाले दोनों चौराहों का बोझ घटे। साथ साथ ही इस रोड पर बसने वाली आबादी को भी जर्जर सड़क के दंश से छुटकारा मिले।
दो साल में ही पानी में बह गए थे 7 करोड़ रुपये
रामघाट रोड को जीटी रोड से जोड़ने वाला यह रोड जीटी रोड हाईवे पर गांव सिंधौली के पास निकलता है। अगर मुरादाबाद से कानपुर की ओर आवागमन करना है तो े शहर में एटा चुंगी और क्वार्सी चौराहों के जाम से जूझने की जरूरत नहीं है। इसी मार्ग से सफर कर सकते हैं और शहर के बाहर से ही निकल सकते हैं। 6 किमी लंबा और 25 फीट चौड़ा मार्ग आज बेहद जर्जर और अतिक्रमण की भी चपेट में है। कहीं बारिश के कारण रोड कटा हुआ है तो कहीं प्लाटिंग में दबा हुआ है। यह रोड 14 फीट से अधिक चौड़ा नहीं दिखता। वर्ष 2017 में इस रोड का निर्माण सात करोड़ की लागत से अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने कराया था। मगर छह महीने में ही यह सात करोड़ पानी में बह गए। जिसकी शासन स्तर पर शिकायतें की गईं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जबकि इस रोड पर क्वार्सी के बाद नए शहर का विकास हो रहा है। नवसृजित महुआ खेड़ा थाने को भी यह मार्ग जाता है। इसके अलावा शहर से सटे गांव महुआ खेड़ा, सुखरावली, गुरसिखरन, क्यामपुर के ग्रामीण भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। रामघाट रोड की विनय नगर व शंकर विहार कालोनी का पिछला हिस्सा भी इसी रोड पर आता है।
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-कहने को हम शहर का हिस्सा हो गए हैं। कुछ मिनट की दूरी पर गांव से शहर आ जाते हैं। मगर इस मार्ग से शहर आना बेहद भारी पड़ता है। तीन साल से ग्रामीणों के वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।-संजय चौहान, गुरुसिखरन
शायद ही कोई दिन ऐसा हो जब किसी आने जाने वाले की गाड़ी न फंसे या वह क्षतिग्रस्त न हो। यह मार्ग बने तो हमारे साथ-साथ इसे बाईपास के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।-मनवीर, महुआ खेड़ा
-सात माह पहले हम ओजोन सिटी में रहने आए थे। मगर इस मार्ग के कारण सर्वाधिक परेशानी होती है। शहर आने और जाने में जितना कष्ट होता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।-पवन कुमार, ओजोन सिटी
-दो साल से इस सोसाइटी में रह रहा हूं। सबसे ज्यादा नुकसान अपनी कार में होते देखा है। इसके लिए जिम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि यह सड़क है, जो पानी में बहने के बाद आज तक बनी नहीं है।-सुमित कुमार, ओजोन सिटी
-छह साल पहले यह मार्ग टूटा, उसके बाद किसी का इस ओर ध्यान नहीं गया। गांव कयामपुर में इसी विधानसभा क्षेत्र के विधायक रवेंद्र पाल सिंह रहते हैं। उनके गांव की सिर्फ सड़क बन गई हैं।-नरेश, महुआ खेड़ा
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-ओजोन सिटी में रहने आए थे। मगर इस सड़क के कारण यहां आना जाना इतना कष्टदायी है, जिसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।-जीतू, ओजोन सिटी
मंडलायुक्त बोले,
पीडब्ल्यूडी बनाएगी यह सड़क, एनओसी का इंतजार
मंडलायुक्त गौरव दयाल का कहना है कि यह बात बिल्कुल सही है कि सांगवान-ओजोन रोड रामघाट रोड-जीटी रोड को जोड़ने का बेहतर विकल्प हो सकता है। इस पर विचार हो चुका है और कार्ययोजना पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार कर ली गई है। पूर्व में जिले के नोडल अफसर पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने ही प्रस्ताव तैयार कराया है। अभी सिंचाई विभाग से एनओसी मिलना बाकी है। स्थानीय स्तर से एनओसी अनुमोदन के लिए शासन तक पहुंच गई है। शासन में भी अधिकारियों से वार्ता हुई है। जैसे ही एनओसी मिल जाएगी। इस सड़क का पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माण कराया जाएगा। रहा सवाल मरम्मत का तो चूंकि सड़क बहुत खराब है और मरम्मत का काम रुक नहीं पाता है। इसलिए स्थायी समाधान पर जोर दिया जा रहा है। एडीए द्वारा पूर्व में निर्मित इस सड़क के खराब होने की जांच एडीए द्वारा की जा रही है। ठेकेदार का भुगतान भी रुका हुआ है।
-ये है दोनों चौराहों पर ट्रैफिक बोझ-
-7 से 10 हजार वाहन प्रतिदिन एटा चुंगी से
-8 से 12 हजार वाहन प्रतिदिन क्वारसी चौराहा से
-40 फीसदी वाहनों की शहर के अंदर नहीं होती है आवाजाही
(स्रोत:-आईट्रिपल-सी कंट्रोल रूम के डेटा का औसत आंकड़ा। )
परेशान आबादी इस जर्जर मार्ग के कारण
-700 परिवारों के 2200 लोग बसे हैं सांगवान सिटी हाउसिंग सोसाइटी में
-550 परिवारों के 2000 लोग बसे हैं ओजोन सिटी हाउसिंग सोसाइटी में
-10,000 मतदाता वाले चार गांव भी इसी मार्ग से जुड़ते हैं शहर से
-रामघाट रोड पर बसी विनय नगर-शंकर विहार के पीछे का भी है यह रास्ता
- पूरे मार्ग पर अन्य छोटी - छोटी पॉकेट में भी परिवारों का बसना शुरू हुआ
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