बन्नादेवी क्षेत्र के बरौला-जाफराबाद पुल के नीचे शुक्रवार दोपहर हुए हादसे के दौरान गोमती एक्सप्रेस के चालक ने खूब हॉर्न बजाया था। इसके बाद भी रेलवे ट्रैक से गुजर रहे तीनों युवक नहीं हटे और हादसे का शिकार बन गए।
गोमती एक्सप्रेस के चालक अनिल कुमार सिंह के अनुसार गाड़ी अपनी स्पीड पर थी। जैसे ही ट्रेन अलीगढ़ व महरावल स्टेशन के किलोमीटर 1319-20 के पास पहुंची, तभी अचानक तीन युवक ट्रैक को पार करते दिखाई दिए। इस दौरान कई बार गाड़ी का हॉर्न भी बजाया। इसके बाद भी तीनों रेलवे ट्रैक से नहीं हट सके, जिस पर गाड़ी की स्पीड कम करने के साथ ही इमरजेंसी ब्रेक भी लगाए, तब तक देर हो चुकी थी और तीनों युवक ट्रेन की चपेट में आ चुके थे। इसके बाद उन्होंने स्टेशन पर हादसे की खबर दी।
लगातार हादसों के बाद भी नहीं ले रहे सबक
बरौला-जाफराबाद पुल के नीचे पिछले एक साल में ही यहां कई लोग ट्रेन की चपेट में आकर मौत के मुंह में समा चुके हैं। 21 मार्च 2021 को भी यहां ट्रेन की चपेट में आकर दो मजदूरों की मौत हो गई थी। इसी साल फरवरी माह में बकरी चरा रही तीन मां-बेटी की मौत हो गई। तीन दिन पहले भी यहां एक युवक की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों को लेकर न तो स्थानीय लोग ही सबक ले रहे हैं और न ही स्थानीय पुलिस के अलावा आरपीएफ व जीआरपी इस ओर कतई ध्यान नहीं दे रही है।
नशेड़ियों का रहता है जमावड़ा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरौला पुल के पास नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जो रेलवे पटरियों के किनारे बैठकर नशा करते हैं। इनसे हर समय हादसे की संभावना बनी रहती है। इसके अलावा पुल के नीचे से रास्ता न होने पर भी बड़ी संख्या में लोग रेलवे लाइन पार करते हैं। जिसके चलते यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं।