मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती सानिया।
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मलखान सिंह जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक से 2600 रुपये देकर एक यूनिट रक्त खरीदने का मामला सामने आया है। अस्पताल में भर्ती पांच वर्षीय सानिया को रक्त की जरूरत थी। हालांकि, ब्लड बैंक के कर्मचारी पैसे लेकर ब्लड देने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बाहरी लोग गुमराह कर लोगों से पैसे वसूल लेते हैं।
खैर रोड के रामनगर निवासी धर्मवीर यादव की पांच वर्षीय पुत्री सानिया की तबियत खराब रहती है। सानिया को लेकर परिजन जिला चिकित्सालय पहुंचे। चिकित्सक ने जरूरी जांच के बाद खून चढ़ाने का सुझाव दिया। बच्ची में खून की कमी है। बच्ची को वार्ड में भर्ती करा दिया गया। धर्मवीर यादव ब्लड बैंक से खून लेने पहुंचे तो बदले में एक यूनिट खून देने के लिए कहा गया। धर्मवीर यादव की पत्नी खून देने के पक्ष में नहीं थी। धर्मवीर यादव का कहना है कि एक व्यक्ति को 2600 रुपये देने पर रक्त उपलब्ध कराया गया। इस संबंध में ब्लड बैंक के वरिष्ठ तकनीशियन यतेंद्र सिंह का कहना है कि ब्लड बैंक के पास बाहरी तत्व भोले-भाले लोगों को गुमराह कर पैसे वसूल लेते हैं और बदले में रक्त देते हैं। ब्लड बैंक में दानदाता के रूप में विनय नामक युवक का नाम दर्ज है। सीएमएस डॉ. आईडी बत्रा ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जाएगी।
ये है नियम
ब्लड बैंक से रक्त लेने के लिए एक यूनिट रक्त देना पड़ता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों से रक्त के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। बाहर के किसी अस्पताल से आने पर एक यूनिट रक्त के बदले 1050 रुपये शुल्क के रूप में देने पड़ते हैं।
कौन लोग होते हैं शिकार
कुछ अपवाद को छोड़कर नियमानुसार रक्त के बदले रक्त देना पड़ता है। कुछ लोग स्वयं रक्त देने से बचते हैं। यदि उनके पास बदले में रक्त देने के लिए रक्तदाता नहीं होते हैं तो ऐसे लोग गलत तत्वों के जाल में फंस जाते हैं।