पंजाबी समाज ने बृहस्पतिवार को धूमधाम से लोहड़ी का पर्व मनाया। कोरोना प्रोटोकॉल के चलते गुरुद्वारों में सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए। सुबह अरदास के साथ संगत बैठी, जिसमें जत्थेदारों ने भजन-कीर्तन कर गुरुवाणी सुनाई। शाम को लोगों ने अपने घरों और मोहल्लों में लोहड़ी जलाकर गिद्दा भांगड़ा किया और धमाल मचाया। सबसे ज्यादा उत्साह नई शादी वाले जोड़ों और पहली संतान वाले दंपतियों में देखने को मिला। लोगों ने एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाइयां दीं।
लोहड़ी के अवसर पर बृहस्पतिवार को सुबह से ही पंजाबी समाज में खासा उत्साह था। सुबह लोग गुरुद्वारों में पहुंचे और कीर्तन में भाग लिया। अरदास लगाकर अपने घरों को रवाना हुए, जबकि दोपहर में लोगों ने अपने घर, कालोनी, अपार्टमेंट में सामूहिक रूप से लोहड़ी के लिए लकड़ियों के ढेर तैयार किए। उपले डालकर शाम को लोहड़ी जलाई गई। सुंदर-मुंदरिए होए, तेरा कौन बेचारा होए, दुल्हा भट्टा वाला हो.. जैसे गीत गाकर महिलाओं ने लोहड़ी मनाई। युवाओं के साथ नव दंपतियों और पहली संतान वाले दंपतियों ने ढोल नगाड़ों पर जमकर गिद्दा-भांगड़ा किया। आपसी भाईचारे और खुशी के प्रतीक कहे जाने वाले लोहड़ी पर लोगों ने एक-दूसरे से तिल, गुड़, रेवड़ी, पॉपकार्न, मूंगफली आदि साझा कीं।
देर रात तक महिलाएं-पुरुष और बच्चे संगीत में झूमते रहे। बैकुंठ नगर स्थित केंद्रीय गुरुद्वारे में कोरोना के चलते कोई सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। सुबह अरदास लगी, जबकि शाम को भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। प्रधान हरविंदर सिंह ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के चलते लगातार दूसरे साल गुरुद्वारों में सामूहिक कार्यक्रम को स्थगित रखा गया है। देहलीगेट स्थित गुरु सिंह सभा गुरुद्वारे में शबद कीर्तन का आयोजन किया गया। भगत सिंह भगवासिया ने बताया कि गुरुद्वारों में कोरोना के चलते सामूहिक आयोजन नहीं किया। मास्क, सैनिटाइजर व सामाजिक दूरी के साथ शबद-कीर्तन का आयोजन किया गया, जबकि दिन भर लोगों के यहां विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए।
तिल और रेवड़ी की जमकर हुई बिक्री
लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व के चलते बृहस्पतिवार को रेवड़ी, गजक, तिल आदि की जमकर बिक्री हुई। मूंगफली, गजक, चिक्की मूंगफली भी लोगों ने खूब खरीदी। शहर की विभिन्न सड़कों पर एक किनारे लगीं ढकेलों से लेकर ब्रांडेड शोरूमों तक लोहड़ी और मकर संक्रांति को लेकर लोगों ने खरीददारी की। इसके अलावा एक दूसरे को उपहार देने के लिए गिफ्ट भी लिए। संवाद