अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना को सौ साल हो गए हैं। यह यूनिवर्सिटी सन 1920 में अस्तित्व में आई थी। इसी यूनिवर्सिटी के निर्माण कमेटी के सदस्य ख्वाजा मोहम्मद यूसुफ थे जो सर सैयद अहमद के बेहद करीबी रहे। ख्वाजा मोहम्मद यूसुफ के पोते फार्मास्यूटिकल कंपनी सिप्ला के मालिक डॉ. यूसुफ हमीद हैं, जिनके नाम से कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड के रसायन विज्ञान विभाग का नाम रखा गया है।
डॉ. यूसुफ के परिवार का अलीगढ़ से रिश्ता
भले ही डॉ. यूसुफ का जन्म अलीगढ़ में न हुआ हो, लेकिन उनके परिवार का अलीगढ़ व एएमयू से खास रिश्ता रहा है। एएमयू के इतिहास के जानकार डॉ. राहत अबरार ने बताया कि युसुफ हमीद के दादा ख्वाजा मोहम्मद युसूफ उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने यह तय किया था कि अलीगढ़ में विश्वविद्यालय कहां बने। सर सैयद अहमद ने यूनिवर्सिटी बनाने के लिए जो कमेटी बनाई थी, उसमें ख्वाजा मोहम्मद शामिल थे। खास बात यह है कि सर सैयद अहमद ने वर्ष 1869 में कैम्ब्रिज व ऑक्सफोर्ड जैसी यूनिवर्सिटी बनाने का सपना भारत में देखा था। वह सपना पूरा हो गया। अब ख्वाजा मोहम्मद के पोते यूसुफ हमीद के नाम से कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के रसायन विज्ञान विभाग का नाम रखा गया है। इस सम्मान को लेकर एएमयू में खुशी का माहौल है।
ख्वाजा चौक, यूसुफ सराय है सबूत
डॉ. राहत बताते हैं कि ख्वाजा मोहम्मद युसूफ जमींदार थे। इनकी अलीगढ़ में कई अचल संपत्तियां थीं। इनमें ख्वाजा चौक, यूसुफ सराय इलाके आज भी हैं। लाल डिग्गी स्थित जीएसटी कार्यालय भवन में इनका निवास था। ख्वाजा मोहम्मद यूसुफ की बेगम के नाम पर मसूद महल सहित अली मंजिल भी इन्हीं के परिवार ने बनवाया था। ख्वाजा मोहम्मद युसूफ के पुत्र ख्वाजा अब्दुल हमीद का जन्म अलीगढ़ में हुआ था। वह मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज के छात्र रहे। बाद में मुंबई बस गए। फिर शिक्षा के लिए यूरोप चले गए। वह एएमयू के ईसी मेंबर व कोर्ट मेंबर थे। उन्होंने 1935 में सिप्ला कंपनी की नींव रखी थी।