अलीगढ़ नगर निगम सीमा के 78 श्मशान घाट और कब्रिस्तानों का एक साल में कायाकल्प होगा। पहले चरण में पेयजलापूर्ति, पथ प्रकाश, विश्राम स्थल, ग्रीन बेल्ट, बैठने की व्यवस्था, रंगाई-पुताई और निर्माण कार्य होंगे।
अंतिम संस्कार और दफन के लिए आने वाले लोगों को अब मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए अलीगढ़ नगर निगम ने शहर के सभी श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों को संवारने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम सीमा में आने वाले करीब 78 श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों का अगले एक साल में कायाकल्प कराने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
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महापौर प्रशांत सिंघल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बृहस्पतिवार को महेंद्र नगर-हनुमानपुरी स्थित वाल्मीकि बगीची मुक्तिधाम में नगर निगम की ओर से कराए गए विकास कार्यों का लोकार्पण किया। यहां हॉल, पेयजल व्यवस्था और बेंच समेत अन्य सुविधाएं विकसित की गई हैं। महापौर और नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता को सभी श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों की जरूरतों के हिसाब से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। पहले चरण में पेयजलापूर्ति, पथ प्रकाश, विश्राम स्थल, ग्रीन बेल्ट, बैठने की व्यवस्था, रंगाई-पुताई और जरूरी निर्माण कार्य कराए जाएंगे।
नगर आयुक्त ने कहा कि सभी मुक्तिधाम, श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में जनसुविधाएं प्रभावी करने का प्रयास किया जाएगा। महापौर ने कहा कि एक साल में सभी स्थलों का कायाकल्प कराने की दिशा में नगर निगम तेजी से काम करेगा। लोकार्पण के दौरान वाल्मीकि समाज से श्योराज जीवन, राजेश राज जीवन, सफाई यूनियन अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, महामंत्री सुनील कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।