डॉ. कफील
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विवादित बयान देने के मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइंस में रासुका के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा डॉ. कफील अहमद के खिलाफ लिखा गया है।
पिछले महीने नागरिकता कानून को लेकर योगेंद्र यादव के साथ एएमयू में विवादित बयान देने को लेकर डॉ. कफील पर आरोप लगा था। सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उसी मुकदमे में उन्हें मुंबई से गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद से वह जेल में हैं।
मामले में कफील को 10 फरवरी को जमानत मिल गई थी, लेकिन रिहाई नहीं हो पाई थी। इसे लेकर हर रोज रिहाई की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन अब जिला प्रशासन ने सिविल लाइंस में डॉ. कफील के खिलाफ रासुका के तहत मुकदमा लिख दिया है, इसलिए अब रिहाई संभव नहीं है।