अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में नौकरी दिलाने के नाम पर भले ही एटा के शहर कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ ठगी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया हो, लेकिन उसकी चर्चाएं शनिवार को एएमयू परिसर में खूब रहीं। उधर, एएमयू इंतजामिया का कहना है कि अभी तक इस मामले में पीड़ित ने एएमयू में कोई शिकायत नहीं की है। शिकायत की जाती है तो निश्चित रूप से जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष में 2017 में एएमयू ने स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, स्टोरकीपर, वायरलेस आपरेटर के पदों पर भर्ती का विज्ञापन निकाला था। इसी विज्ञापन के आधार पर एटा के रहने वाले जुगेंद्र ने अपने ही मित्र उमेश को एएमयू में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। ऐसा आरोप उमेश ने लगाया है। जुगेंद्र, उसकी पत्नी सरिता, बहन विनीता, एएमयू कर्मी सलीम उसकी पत्नी नेहा, दिलदार खां ने वर्ष 2018 में एटा के 11 लोगों से नौकरी के नाम पर 44 लाख रुपये ले लिए। इस संबंध में एटा के शहर कोतवाली में इन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उधर, जनसंपर्क विभाग एएमयू के एसोसिएट एमआईसी के डॉ. राहत अबरार ने कहा कि फिलहाल इस मामले में किसी ने कोई शिकायत एएमयू में नहीं की है। अगर शिकायत होती है, तो जांच की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों के प्रवेश और नौकरी देने में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है।
नौकरी सलेक्शन कमेटी के जरिये दी जाती है। ऐसे में कोई कर्मी अगर नौकरी देने की बात कहता है, तो गलत है। उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए। एक ऐसा ही मामला यूनिवर्सिटी के लेफ्टिनेंट जमीर उद्दीन शाह के कुलपति कार्यकाल मेें आया था, जब नौकरी के नाम पर एक कर्मी पर ठगी का आरोप लगा था, तब उसे निलंबित कर दिया गया था।