पार्षद मेयर और नगर आयुक्त के सामने माइक को लेकर भिड़ गए। पार्षद मो. हफीज, असलम नूर, योगेश सिंघल और पुष्पेंद्र सिंह जादौन समेत अन्य पार्षद माइक पर बोलने के लिए छीना-छपटी करने लगे। बजट पास होने की घोषणा होने के बाद पार्षदों ने कुर्सियों और मेज को पलट दिया। मेयर और नगर आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षदों ने कहा कि बजट असंवैधानिक तरीके से पास हुआ है।
अफसरों ने कहा नियमानुसार पास किया बजट
अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने नगर निगम एक्ट का हवाला देते हुए बताया कि नियमानुसार बजट पास किया गया है। बजट को कार्यकारिणी के समक्ष लाना होता है, जो पहले किया जा चुका है। इस पर पार्षद कुलदीप पांडेय ने एक्ट की किताब लेकर कहा कि बताएं किस एक्ट के तहत पास बजट पास हुआ है। पार्षद संजय पंडित ने कहा कि नगर निगम सीलिंग की कार्रवाई कर रहा है। लाख रुपये बकाया होने पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा रहा है, मगर करोड़ों रुपये का कर बकाया होने के बावजूद सरकारी विभागों और एएमयू पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
बैठक में महिला पार्षद अंजना गुप्ता माइक लेकर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि पुरुष पार्षदों के आगे महिलाओं की आवाज सदन के उच्चाधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती है। इस कारण माइक लाना पड़ा। पार्षद ने अपना माइक निकालकर बोलना शुरू किया तो बाकी लोग हंसने लगे।
मृत्यु प्रमाणपत्र बनेगा निशुल्क
नगर आयुक्त विनोद कुमार ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र अब निशुल्क बनेगा। इस पर लगने वाला 50 रुपये का शुल्क नहीं लिया जाएगा। मेयर ने अपने आवास पर इसकी फाइल मंगाई। वहां पर मौजूद पार्षदों के सामने फाइल पर हस्ताक्षर कर इस व्यवस्था को लागू कर दिया।
सपा पार्षद एकजुट तो भाजपा में दिखे दो फाड़
भाजपा सरकार में ही नगर निगम बोर्ड की बैठक में भाजपाई दो फाड़ दिखे। नगर निगम के सदन में भाजपा के 48, सपा के 34, बसपा के सात और कांग्रेस के एक पार्षद हैं। बोर्ड बैठक में सपा पार्षद तो एकजुट रहे मगर भाजपा पार्षद बंट गए। दोनों बैठकों में भाजपा पार्षद आपस में ही भिड़ते रहे। बाद में भाजपा के आधे पार्षद और कुछ सपा पार्षद मेयर के आवास पर नाश्ता करते भी दिखे।
पिछली बैठक के मुद्दे और बजट पर चर्चा करना था, लेकिन नगर आयुक्त और मेयर बिना चर्चा किए बजट पास कराना चाह रहे थे। जनता का पैसा जनता के हित में लगना चाहिए। यही हमारी मांग थी।
-असलम नूर, पार्षद।
मिट्टी खनन घोटाले को छुपाने के लिए और बजट की अनियमितताओं पर चर्चा न करने के लिए आननफानन बजट को पास करने की घोषणा की गई। यह गलत है। हम इसके पक्ष में नहीं है।
- मो. हफीज अब्बासी, पार्षद।
नगर निगम के अधिकारी मनमानी पर उतारू है। हम जनता के सेवक है। उनकी गाढ़ी कमाई को इस तरह से बेकार नहीं जाने देंगे। बजट अवैध तरीके से लाया गया है।
-पुष्पेंद्र सिंह जादौन, भाजपा पार्षद।
महिलाओं की आवाज नहीं उठती
सदन में महिलाओं के हक की आवाज कोई नहीं उठाता है। पुरुष पार्षद ही जनता की समस्याओं को रखते हैं। महिलाओं के बारे में कोई चर्चा नहीं होती है।
-तबस्सुम अशरफी, पार्षद।
सदन में जब भी चर्चा हुई, पुरुषों ने ही माइक थामा है। महिलाओं के मुद्दों को लेकर दोनों बैठकों में कोई चर्चा नहीं हुई। इसको अधिकारी भी संज्ञान में नहीं लेते हैं।
-डॉ. शबाना असलम, पार्षद।
हम जनता के सेवक हैंं, जनता के बीच रहते हैं। उनकी समस्याएं हम तक आती हैं। महिलाओं की समस्याओं को कई बार सदन में रखना चाहा, मगर ऐसा नहीं हो सका।
-निलोफर जावेद, पार्षद।
बजट एक नजर में
- अनुमानित प्रारंभिक अवशेष राशि -250 करोड़ रुपये
- अनुमानित प्रस्तावित आय - 666 करोड़ रुपये
- कुल बजट-916 करोड़ रुपये लगभग
- अनुमानित प्रस्तावित व्यय-867 करोड़ रुपये
- अनुमानित अंतिम अवशेष-49 करोड़ रुपये