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सांसद बोले, बिना सहमति कप्तान ने कैसे रुकवाए टेंपो

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विद्या नगर स्थित सांसद कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे ऑटो चालाकों को समझाते अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम ? - फोटो : CITY OFFICE
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महानगर में यातायात की बनी नई व्यवस्था से परेशान सैकड़ों टेंपो चालकों ने शनिवार को सांसद सतीश गौतम के आवास का घेराव किया। अपनी समस्याओं को रखते हुए सांसद को बताया कि महानगर में टेंपो नहीं चलाने दे रहे हैं। हजारों रुपयों के चालान किए जा रहे हैं। जबकि टेंपो की किस्त निकालना ही मुश्किल पड़ रहा है।
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इस पर सांसद सतीश गौतम ने एसपी ट्रैफिक सतीश कुमार से फोन पर वार्ता कर नाराजगी जताई। उन्होंने फोन पर वार्ता करते यहां तक कह दिया कि कप्तान कौन होते हैं बिना जनप्रतिनिधियों की सहमति के इस तरह निर्णय लेने वाले। बाद में मीडिया से बातचीत में सांसद यही बोले कि वे कप्तान से वार्ता करने जाएंगे और इस समस्या का हल निकलवाया जाएगा।
एसएसपी के निर्देश पर ट्रैफिक पुलिस ने महानगर से बाहरी सीमा के लाइसेंस प्राप्त टेंपो का प्रवेश शहर में प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं अनियमितता बरतने पर चालान काटने प्रारंभ कर दिए हैं। इसी समस्या को लेकर शनिवार को पनैठी रूट के सैकड़ों टेंपो चालक सांसद के आवास पर पहुंचे।
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यहां अपना दुखड़ा रोते हुए टेंपो चालकों ने बताया कि अधिकांश टेंपो किश्त पर चल रहे हैं। लॉकडाउन में टूटी किस्तों को अभी तक भर नहीं पाए हैं। उसके ऊपर पुलिस एक तो वाहनों को शहर में घुसने नहीं दे रही है। वहीं इससे काफी दूर पहले ही रोक दिए जाते हैं। सवारियां भी रुपये देने में हंगामा करती हैं। जबकि दस-दस हजार रुपये के चालान भी काटे जा रहे हैं।
इस पर सांसद सतीश गौतम ने तत्काल अपने फोन से एसपी ट्रैफिक से वार्ता की और कहा कि यह व्यवस्था क्या है। टेपों चालकों को क्यों परेशान किया जा रहा है। एसपी ट्रैफिक ने नई व्यवस्था का हवाला दिया तो सांसद ने कहा कि कप्तान के जो मन में आएगा, वही फतवा जारी कर देंगे क्या? क्या वह इस जिले के मालिक हैं? जनप्रतिनिधियों से वार्ता किए बिना और बिना सहमति लिए अभी वाहनों को नहीं रोका जाए।
बाद में मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि एसएसपी से वार्ता कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। जिससे टेपों वालों का रोजगार न छिने। वहीं एसपी ट्रैफिक सतीश कुमार ने बताया कि बिना परमिट ऑटो- टेंपो और ई रिक्शा यातायात को प्रभावित करते हैं। इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाना जनपद के हित में होगा।
इसके लिए सुझावों का स्वागत है। साथ ही कुछ पहलू हैं। जैसे सुगमता से परमिट बनाया जाना। जो परिवहन विभाग के अंतर्गत आता है। वैध परमिट बनाए जाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा कैंप भी लगाए जा सकते हैं। ट्रैफिक विभाग हर संभव मदद के लिए तैयार है।
- शहर की यातायात में सुधार के लिए कुछ फैसले लिए गए हैं, जिन्हें ट्रायल के रूप में शुरू किया गया है। इसमें सभी के सुझाव आमंत्रित हैं। एक-एक कर जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों व ट्रांसपोर्टरों तक से सुझाव मांगे जाएंगे। फिर शहर की जरूरत, शहर की सुविधा के अनुसार इन फैसलों में बदलाव भी किया जाएगा। हमारा प्रयास शहर को सुंदर बनाना व बेहतर यातायात व्यवस्था देना है।
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- कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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