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अलीगढ़ : ऐसा हो 2022, न बढ़े कोरोना और महंगाई

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पूनम शर्मा शिक्षिका - फोटो : CITY OFFICE
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पेट्रोल-डीजल और खाद्य पदार्थों पर महंगाई ने हर घर का बजट बिगाड़ दिया है। लगभग हर वस्तु के दाम बढ़ने लगे हैं। एक सामान्य वर्ग का परिवार करीब पांच हजार रुपये तक का अतिरिक्त खर्च कर रहा है। जबकि लोगों की बचत अब शून्य हो चली है।
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ऐसे में शहरवासियों का कहना है कि नया साल 2022 ऐसा हो, जिसमें महंगाई के साथ-साथ कोरोना संक्रमण में बढ़ोतरी न हो। महंगाई ने जहां बजट बिगाड़ रखा है, वहीं कोरोना बढ़ने से लॉकडाउन लगा तो हालत और भी बदतर हो जाएंगे।
होटलों में खाना हुआ महंगा
- पेट्रोल और सिलिंडर के दाम बढ़ने से होटल-ढाबों में खाना महंगा हो गया है। होटल संचालकों ने खाद्य पदार्थों के दाम 20 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इसके चलते पहले जहां मध्यमवर्गीय परिवार महीने में होटल-रेस्टोरेंट में खाने-पीने और घूमने पर ढाई हजार तक खर्च करता था। वह अब बढ़कर तीन हजार रुपये तक पहुंच गया है।
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नाश्ते का जायका भी बिगड़ा
- महंगाई ने नाश्ते तक को नहीं छोड़ा है। ब्रेेड के दाम में पांच और मक्खन के दाम दो रुपये तक बढ़ गए हैं। साथ ही समोसा और कचौड़ी भी महंगी हो चली है। मिठाई के दामों में भी दस फीसदी का इजाफा हो गया है।
ऐसे समझिए सामान्य परिवार का बजट
परिवार की कुल आय - 25000 रुपये
सामग्री पहले अब
राशन, दूध, सब्जी 9 हजार 13 हजार
सिलिंडर 700 918
पेट्रोल-डीजल 3000 5000
बाहर खाना पीना 2500 3000
मोबाइल रिचार्ज 1000 1200
अन्य 1500 2000
कुल 18700 25118
बचत 5300 रुपये बचत 118 रुपये अधिक खर्च
- वाकई में महंगाई बढ़ रही है। बाजार में हर सामान महंगा ही मिलता है। नहीं तो उत्पाद का वजन कम हो जाता है। - राजपाल सिंह, रामबाग कॉलोनी
- हर महीने का बजट पांच हजार रुपये तक बढ़ गया है। हर चीज महंगी होती जा रही है। अब बचत नहीं हो रही है। - भरत कुमार, मानिक चौक।
- पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सब कुछ महंगा हो गया है। पहले हर महीने छह हजार तक बचा लेते थे। अब कुछ भी नहीं बचता। - ललित वार्ष्णेय, दुबे का पड़ाव
- महंगाई ने सब कुछ खत्म कर दिया है। खाने-पीने के सामान पर ही इतनी महंगाई है कि अन्य सब चीजों के बारे में तो कुछ सोच ही नहीं सकते। -संदीप, नई बस्ती
- नए साल में यही उ मीद लगाए बैठे हैं कि महंगाई स्थिर होगी। वहीं ओमिक्रॉन के केस ज्यादा न बढ़े। तभी राहत मिलेगी। - प्रतिमा पोद्दार, शिक्षिका।
- वर्ष 2021 में काफी महंगाई बढ़ी है। जबकि अब कोरोना के केस बढ़ रहे हैं। दोनों अगर बढ़े तो स्थिति बदतर होगी। -पूनम शर्मा, शिक्षिका।

प्रतिमा पोद्दार शिक्षिका- फोटो : CITY OFFICE

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