सीएए-एनआरसी के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों के धरने में भड़काऊ भाषण देकर देशद्रोह में फंसे जेएनयू छात्र शरजिल इमाम को एक बार फिर अलीगढ़ लाने की कवायद शुरू हो गई है। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में शरजिल की ओर से दायर याचिका खारिज होने के बाद यह प्रयास और तेज हो गए हैं और उसे यहां लाने के लिए गुवाहाटी सेंट्रल जेल को रिमाइंडर वारंट भेजे जाने की तैयारी शुरू हो गई है। अब तक उसे यहां लाने में हुई देरी की वजह लॉकडाउन में ट्रेन बंदी बताया जा रहा है, जबकि मार्च महीने में ही शरजिल के खिलाफ स्थानीय न्यायालय से बी वारंट बनवाकर पुलिस ने दिल्ली तिहाड़ जेल में दाखिल कर दिया था।
दरअसल शरजिल पर दिल्ली, अलीगढ़, अरुणाचल प्रदेश और असोम में इस दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल होकर देश को विभाजित करने जैसे जबरदस्त भड़काऊ भाषण देने के आरोप में अलग अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। अलीगढ़ में उसने यह बयान 16 जनवरी को दिया था और वीडियो वायरल होने पर 26 जनवरी को यहां सिविल लाइंस में धारा 124 ए(राजद्रोह), 153 ए, 153 बी, 505 (2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसी बीच शरजिल को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही यूपी, असोम व अरुणाचल प्रदेश पुलिस उसे लाने को प्रयासरत रही। इस बीच मार्च में अलीगढ़ पुलिस ने उसके खिलाफ बी वारंट दिल्ली जेल में दाखिल कर दिया। मगर उससे पहले उसे असोम पुलिस अपने साथ ले जाने में सफल रही। उसके वहां पहुंचने के कुछ दिन बाद ही लॉकडाउन लग गया और ट्रेनें तक बंद हो गईं। इसके चलते उसका यहां आना टल गया।
इधर, अब शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में शरजिल की ओर से दायर याचिका यूपी सरकार के हलफनामे के बाद खारिज कर दी गई है। जिसमें अलीगढ़ पुलिस का पक्ष रखने सीओ तृतीय अनिल समानिया भी गए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद पुलिस ने उसे यहां लाने की कवायद तेज कर दी है। एसपी क्राइम डॉ. अरविंद ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से देरी हुई थी। अब पुन: न्यायालय से रिमाइंडर बनवाकर गुवाहाटी सेंट्रल जेल एक दो दिन में भिजवाया जाएगा। जिसके बाद उसे यहां लाया जाएगा और अलीगढ़ के मुकदमे में वारंट तामील कराकर अलीगढ़ जेल दाखिल किया जाएगा। प्रयास है कि यह प्रक्रिया इस सप्ताह में पूरी करा दी जाएगी।