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जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों को लूटने वाले गिरोह सक्रिय

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मेडिकल ट्रामा सेंटर - फोटो : CITY OFFICE
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जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने जा रहे हैं तो सावधान रहें। मदद के नाम पर मरीजों को लूटने वाला गिरोह सक्रिय हैं। रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के पदाधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक से अस्पताल में दवा दुकानदारों के एजेंटों का गैंग सक्रिय होने की शिकायत की है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक विभाग के रेजीडेंट डॉ. दानिश फिरोज 21 अक्तूबर 2019 की रात में ड्यूटी पर थे। एक मरीज के पैर में कच्चा प्लास्टर लगाना था। उन्होंने तीमारदार को जरूरी सामान लाने की सूची दी। तीमारदार मेडिकल कॉलेज स्थित ड्रग सेंटर जाने लगा जहां 25 प्रतिशत छूट है। उससे पहले बाहर की एक दवा की दुकान के कर्मचारियों ने तीमारदार को झांसा देकर लपक लिया। तीमारदार प्लास्टर से संबंधित सामान लेकर आए। उसी समय बाहर तीन लड़के खड़े थे। शक हुआ तो पूछताछ करने पर पता चला कि ये लोग जकरिया मार्केट स्थित एक दुकान के एजेंट हैं। बिल देखने पर पता चला कि 500 रुपये के मूल्य की दवा का दो हजार रुपये वसूल रहे हैं। तीमारदार ने दवा वापस करने को कहा तो ये एजेंट तैयार नहीं हुए। सीएमओ से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुरक्षा बलों को बुलाकर इन एजेंटों को बाहर भेजवा दिया गया। डॉ. दानिश का कहना है कि ये लोग पहले भी कई बार धमकी दे चुके हैं।
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यहां पर गरीब मरीजों को लूटने वाला गिरोह सक्रिय है। तीमारदारों को झांसा देकर फंसा लेते हैं और दवा का मूल्य कई गुणा अधिक वसूलते हैं। विरोध करने पर बाहर देख लेने की धमकी देते हैं। इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
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- डॉ. दानिश फिरोज, डॉक्टर
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जेएन मेडिकल कॉलेज में दवा दुकान, नर्सिंग होम एवं एंबुलेंस चालकों का रैकेट सक्रिय है। ये लोग जेएन मेडिकल कॉलेज के छवि को क्षति पहुंचाते हैं। मरीजों को लूटते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। हम लोग एसएसपी से भी मिलेंगे। रोक नहीं लगी तो विरोध करेंगे।
डॉ. हमजा मलिक, अध्यक्ष, आरडीए
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इनका रैकेट सक्रिय है। पता नहीं चलता कि ये लोग मरीज के साथ है या अलग के। व्यावहारिक रूप में इन्हें पकड़ पाना कठिन है। मरीज की मृत्यु हो जाती है तो भी लूटने से परहेज नहीं करते। प्रिंसिपल एवं प्रॉक्टर से बात कर इनके खिलाफ कदम उठाएंगे।
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- प्रो. हॉरिस, अधीक्षक, जेएन मेडिकल कॉलेज
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