कलक्ट्रेट सभागार में बैठक करते जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह।
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जिला प्रशासन की ओर से कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की पहचान के लिए घर-घर सर्वे के अभियान में चिन्हित मरीजों की जांच का आंकड़ा कम होने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की है। इस दौरान चिन्हित 1100 व्यक्तियों के सापेक्ष मात्र 300 की ही जांच होने पर उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। सभी एसडीएम अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए अपने नेतृत्व में सर्वे के दौरान चिन्हित लोगों की शत-प्रतिशत जांच कराएं। यदि आशा, आंगनबाड़ी एवं एमओआईसी द्वारा कार्य नहीं किया जा रहा है तो उनके विरुद्ध विभागीय/प्रशासनिक कार्यवाही कराएं।
सीडीओ ने बताया कि बृहस्पतिवार को 31 व्यक्ति कोविड-19 से पॉजिटिव आए हैं। इनके लक्षणों के आधार पर नियमानुसार सैंपलिंग कराई जाए। डीएम ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसपी सिंह से कहा कि 79 एम्बुलेंसों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यकतानुसार तैनात करते हुए सूची कोरोना कंट्रोल रूम में उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि जिले के नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण कोविड-19 महामारी की रोकथाम के उपायों की गहन समीक्षा करेंगे। इसलिए एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन, एडीएम फाइनेंस, सीएमओ, एसडीएम, थानावार मजिस्ट्रेट एवं प्रभारी अधिकारी कोरोना कंट्रोल रूम समस्त तैयारी पूरी कर लें।
बैठक में एसएसपी मुनिराज जी, सीडीओ अनुनय झा, एडीएम, नगर आयुक्त, सहायक नगर आयुक्त, नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप श्रमायुक्त, पीडी डीआरडीए, जिला पंचायतीराज अधिकारी, बीएसए, डीआईओएस, प्रभारी अधिकारी कोरोना कंट्रोल रूम, थानावार समस्त मजिस्ट्रेट एवं जीएम डीआईसी उपस्थिति रहे।