2024-25 का सर्वेक्षण “कम करें, पुन: उपयोग करें, पुनर्चक्रण करें” थीम पर आधारित था। इसमें देशभर के 4,500 से अधिक शहरों ने भाग लिया। 3,000 से अधिक प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिनों तक वार्ड स्तर पर जमीनी मूल्यांकन किया। नागरिकों की फीडबैक, सेवा स्तर प्रगति, फील्ड वेरिफिकेशन और जनसहभागिता जैसे घटकों के आधार पर यह स्कोरिंग की गई।
यह केवल एक रैंक नहीं बल्कि अलीगढ़ की मेहनत, समर्पण और नागरिकों के सहयोग का प्रमाण है। पहली बार 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में भाग लेते हुए अलीगढ़ ने जो प्रदर्शन किया है वह गर्व का विषय है। नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी, सफाई मित्र, पार्षदगण और शहरवासी सभी बधाई के पात्र हैं। आने वाले सर्वेक्षण में हमारा लक्ष्य टॉप -10 में आना है। - प्रशांत सिंघल, महापौर, नगर निगम
यह सिर्फ एक रिपोर्ट कार्ड नहीं बल्कि अलीगढ़ की निरंतर प्रगति का संकेत है। अलीगढ़ ने यह सिद्ध किया है कि हम स्वच्छता को केवल लक्ष्य नहीं, आदत बना रहे हैं। आने वाले समय में जनभागीदारी और तकनीक के सहारे हम और अधिक बेहतरी की दिशा में अग्रसर होंगे। अगले सर्वेक्षण में टॉप-10 में आने के लिए आज से ही तैयारी शुरू कर दी गई है।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त, नगर निगम
| वर्ष |
राष्ट्रीय रैंकिंग |
प्रदेश रैंकिंग |
| 2017 |
174 |
5 |
| 2018 |
149 |
6 |
| 2019 |
34 |
5 |
| 2020 |
30 |
3 |
| 2021 |
34 |
3 |
| 2022 |
34 |
2 |
| 20023 |
40 |
3 |
| 2024 |
26 |
12 |
ए टु जेड ने बिगाड़ी रैंकिंग
स्वच्छ सर्वेक्षण में अलीगढ़ नगर निगम की रैंकिंग ए टु जेड ने बिगाड़ी है। मथुरा रोड पर ए टु जेड प्लांट पर कूड़े के ढेर से प्रदेश की रैंकिंग में गिरावट आई है। वर्ष 2023 में प्रदेश में नगर निगम की रैंकिंग तीन थी, जो वर्ष 2024 में 12 हो गई। हालांकि, इस बार नगर निगम 10 से 50 लाख की श्रेणी में शामिल हुआ है।