अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व विधान जयसवाल ने बताया कि जनपद अलीगढ़ के थाना लोधा, खैर और जवां स्थित कुछ गांवों में अवैध शराब से 22 लोगों की मौत हो गई। हालांकि प्रशासन 16 लोगों की मौत की पुष्टि कर रहा है। 17 लोगों का इलाज चल रहा है।
उन्होंने बताया कि मृतकों को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5-5 लाख की आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की कोशिश शासन-प्रशासन स्तर से की जा रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि कुछ अन्य जनपदों के लोगों की भी मौत हुई है, वहां के जिलाधिकारियों को भी मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने का प्रयास जारी है।
वहीं, इस मामले में पुलिस टीमों ने धरपकड़ करते हुए जिले में शराब तस्करी रैकेट के तीन मुख्य आरोपियों को चिह्नित कर एक मुख्य शराब कारोबारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो मुख्य आरोपी फरार हैं, जिन पर एडीजी ने 50-50 हजार का इनाम घोषित किया है। मुख्य आरोपियों में एक ऋषि शर्मा भाजपा से जुड़े हुए हैं और निवर्तमान ब्लाक प्रमुख के पति है।
घटना पर सख्त कार्रवाई करते हुए शासन ने जिला आबकारी अधिकारी धीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक राजेश यादव और प्रधान आबकारी सिपाही अशोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सबसे पहली सूचना सुबह 8 बजे लोधा थाना क्षेत्र के गांव करसुआ और बगल के ही खैर थाना क्षेत्र के गांव अंडला से मिली कि दोनों गांवों में देशी शराब से कई मौत हुई हैं, जबकि कई बीमार हैं। सूचना पर लोधा, खैर पुलिस के साथ-साथ आबकारी टीम, कुछ ही देर में डीआईजी दीपक कुमार, डीएम चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी सहित पूरा अमला पहुंच गया।
यहां से अवैध शराब पीकर बीमार हुए लोगों को एंबुलेंसों से जिला अस्पताल भेजा गया। इसी बीच पता चला कि गांव के बाहर आईओसी बाटलिंग प्लांट पर आने वाले कंटेनरों के दो चालक लापता हैं। उन्हें पुलिस ने खोजा तो वे अपने कंटेनेरों में बेसुध पड़े थे। उन्हें भी अस्पताल भिजवाया गया। इसके अलावा इलाके के गांव नंदपुर पला, राइट, हैवतपुर से भी शराब पीकर बीमार होने की खबरों पर वहां से भी बीमारों को अस्पताल भिजवाया गया। इसी तरह गभाना के गांव सांगौर से भी एक बीमार को अस्पताल भेजा गया। अस्पताल से इनमें से 9 लोगों की मौत हो गई।