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आंकड़ों ने बढ़ाया बसपा का अटेंशन, भाजपा को दिया टेंशन

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अभिषेक शर्मा
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इगलास विधानसभा उपचुनाव का मतदान एक तरफ जहां भाजपा को टेंशन दे गया है, वहीं बसपाइयों को अटेंशन में ला दिया है। आलम यह है कि बसपाइयों ने ईवीएम के स्ट्रांग रूम के सामने अपना टैंट-तंबू किसी भी आशंका को ध्यान में रखकर वहां तान दिया है, जबकि भाजपा के चुनाव कार्यालय पर सन्नाटा देखने को मिला। वोटों के गणित पर गौर करें तो इस बार कुल 1.46 लाख 354 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया है। इनमें बसपा 55 हजार के आसपास अपना बेस वोट मानकर चल रही है। राजनीतिक जानकार भी यही कह रहे हैं और शेष वोटों में सभी दलों व प्रत्याशियों को माना जा रहा है। हालांकि राजनीतिक रूप से सबके अपने-अपने दावे और सपने हैं। सच्चाई 24 अक्तूबर की दोपहर तक सामने आएगी और स्पष्ट होगा कि विधायक का ताज किसके सिर बंधेगा।
इतिहास के बाद पहली बार इस बार के चुनाव में जिस तरह से विकास व छुट्टा गोवंश के खिलाफ लोगों का गुस्सा भड़का है और मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है। उससे सभी चिंता में हैं। सिर्फ बसपा एक ऐसा दल है, जिसके नेताओं का आत्मविश्वास कह रहा है कि हम मजबूत हैं। भाजपा नेता खुले तौर पर कुछ भी कहें, मगर अंदरखाने की जो खबरें हैं, उससे साफ है कि उनका टेंशन बढ़ा हुआ है। वहीं अन्य प्रत्याशी या अन्य दल अभी इंतजार करने की बात कह रहे हैं।
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हमारे कार्यकर्ताओं व नेताओं ने बहुत मेहनत की है। बेशक मतदान प्रतिशत कम रहा है। मगर हम अवश्य जीतेंगे और जीत का अंतर भी इतना होगा कि लोग देखते रह जाएंगे। कम मत प्रतिशत से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है। बसपा हमेशा 50 हजार पर इगलास में सिमटती रही है। वही परिणाम इस बार भी होंगे। बाकी वोट भाजपा का था, है और आगे भी मिलता रहेगा। बाकी सच्चाई 24 को सामने आ जाएगी।
- ठा. गोपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
हमारा बेस वोट हमें, हमेशा की तरह मिल रहा है। इसके अलावा इस बार हम पहली बार विधानसभा में वोट दे रहे नीवरी व रोरावर के वोटरों की वजह से प्लस में हैं। इसके अलावा रालोद के पर्चे के मुद्दे से नाराज व भाजपा शासन से नाराज सर्व समाज ने बसपा को विकल्प के रूप में पसंद किया है। इस वजह से भी हम अच्छी तरह से प्लस में होंगे। परिणाम सबके सामने आने वाला है। हम 25 हजार के आसपास वोटों से जीतेंगे।
- तिलक राज यादव, जिलाध्यक्ष, बसपा
मतदान प्रतिशत ने निराश किया है। मगर हमारी लड़ाई पहले दिन से भाजपा से थी और इस चुनाव में लोगों ने भाजपा को दरकिनार किया है। इस बार इगलास सीट पर हमारी लड़ाई बसपा से है। बूथ वार समीक्षा में यह निकलकर आया है कि हमें हर स्तर पर वोट मिला है। परिणाम क्या होंगे, यह तो आने वाला समय बताएगा। मगर इतना जरूर है कि भाजपा इस बार चुनाव में लड़ाई से पिछड़ गई है।
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- सुनील सिंह, अध्यक्ष, लोकदल
मतदान प्रतिशत में जो भी कमी आई है, उसका सर्वाधिक नुकसान भाजपा को हुआ है। कांग्रेस को अपना बेस वोट, नीवरी रोरावर से वोट और भाजपा से नाराज लोगों का वोट मिला है। इससे परिणाम अच्छे आएंगे और इगलास सीट पर कांग्रेस एक बार फिर मजबूत पार्टी के रूप में सामने आएगी।
- विवेक बंसल, राष्ट्रीय सचिव, कांग्रेस
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