जिले में फर्जी रोडवेज बसों का संचालन करवाने वाला गिरोह सक्रिय है। गत दिनों पुलिस ने ऐसी ही चार बसें पकड़ी हैं, जो रोडवेज बसों के रंग-रूप के अनुसार सड़कों पर दौड़ रही हैं। पुलिस ने ऐसी ही 11 और बसों को रडार पर ले रखा है। माना जा रहा है कि कहीं ये गिरोह रोडवेज बसों में फर्जी टिकट का गोरखधंधा का करने वालों से तो नहीं जुड़ा है।
इगलास में 21 अगस्त 2018 को एसटीएफ ने रोडवेज बस में फर्जी टिकट मामले में जांच के लिए पहुंची थी। बस रोकने पर एसटीएफ की टीम पर तमंचे से फायर किए गए थे। बाद में एसटीएफ ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी मथुरा के माधोपुरी कोतवाली क्षेत्र का देवेंद्र था।
बाद में 51 से अधिक परिवहन निगम के कर्मचारियों, अधिकारियों, संविदा चालक-परिचालकों पर कार्रवाई की गई थी। इस मामले में यह सामने आया था कि अलीगढ़ से हाथरस, मथुरा, आगरा और कासगंज रूट पर यह गैंग रोडवेज अधिकारियों से साठगांठ कर फर्जी टिकट बिकवा रहा था। इस मामले के ठंडा पड़ते ही जिले में फर्जी रोडवेज बसों का संचालन होने लगा है।
शिकायत मिलने पर एसएसपी कलानिधि नैथानी ने फर्जी रोडवेज बस पकड़े जाने पर चालक-परिचालक सहित मालिक पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश थे। गत दिनों पुलिस ने चार फर्जी रोडवेज बसों को पकड़ा है। यात्रियों को धोखा देने के लिए इन बसों को रोडवेज बसों के रंग-रूप की तरह पेंट कराया जाता है। फिर सवारियों को बैठाकर करोड़ों रुपयों का चूना विभाग को लगाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने 11 बसों को रडार पर ले रखा है।