राजा महेंद्र प्रताप विश्व विद्यालय (आरएमपीयू) की बिल्डिंग के निर्माण में लखनऊ की तकनीकी टीम ने गड़बड़ी का खुलासा किया है। टीम ने स्पष्ट किया है कि बिल्डिंग का लेबल हाईवे से नीचा है, जिसके कारण बारिश के दिनों में जल भराव होने की पूरी संभावना है। इसीलिए लेबल हाईवे से ऊंचा करने का सुझाव दिया है। इस पर करीब पांच करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है। यह रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है।
दो जून को लखनऊ में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ अलीगढ़ के आरएमपीयू विवि के कुलपति तथा रजिस्ट्रार की बैठक ्हुई थी। जिसमें विवि के भवन निर्माण में कमियों का जिक्र किया गया था। साथ में यह भी कहा था कि भवन को हाईवे से नीचा बनाया जा रहा है। जिसके कारण बारिश के दिनों में जल भराव की आशंका है।
इस शिकायत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और कमिश्नर को तकनीकी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। उसी के बाद अगले दिन यानी कि 3 जून को विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्रशेखर, कमिश्नर गौरव दयाल, रजिस्ट्रार महेश कुमार तथा लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया।
कमिश्नर के साथ मौके पर पहुंची टीम ने विश्वविद्यालय के कुलपति और कुल सचिव की ओर से की गई शिकायत को सही माना और निर्माण एजेंसी के अभियंताओं से स्पष्टीकरण भी मांगा है। साथ ही इस मामले की विस्तृत जांच प्रदेश स्तरीय तकनीकी टीम से कराने की सिफारिश की गई थी।
कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद चार जून को प्रदेश स्तरीय तकनीकी टीम और रजिस्ट्रार महेश कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। इस टीम ने भी कमिश्नर की जांच रिपोर्ट को सही माना है। यह भी कहा है कि भवन का ग्राउंड लेबल हाईवे से ऊंचा किया जाना आवश्यक है। बिल्डिंग का लेबल ऊंचा करने पर करीब पांच करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च होने का अनुमान है।
शासन स्तर पर मीटिंग में दी गई जानकारी के आधार पर भवन निर्माण की कमिश्नर और प्रदेश स्तरीय तकनीकी टीम के स्तर से जांच हुई है। अब जांच रिपोर्ट की संस्तुति के आधार पर ही भवन का निर्माण होगा। जिस पर अभियंताओं ने करीब पांच करोड़ रुपये अधिक खर्च होने की बात कही है। वास्तविक राशि कितनी होगी, इस बारे में नए सिरे से एस्टीमेट बनने पर ही साफ होगा। महेश कुमार, कुल सचिव
कुलपति ने शासन से अतिरिक्त धनराशि मांगी
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में कुलपति प्रोफेसर चंद्रशेखर ने विश्व विद्यालय संचालन के लिए धनराशि की मांग की। इस मामले में मुख्यमंत्री ने धनराशि की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया है।