इधर, तत्कालीन डीएम व सीवीओ का तबादला होने के बाद भी प्रकरण दबने की चर्चाएं हैं। इसी क्रम में दादरी कांड के मुकदमे की जांच को भी दो दिन पहले मेरठ क्राइम ब्रांच यहां पहुंची। मगर किसी वरिष्ठ अधिकारी के न मिलने पर कर्मचारी के बयान लेकर चली गई। साथ में नोटिस भी दिया गया। इस संबंध में इस फर्म के महाप्रबंधक फराज खान से जब बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बात करने से व कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अजीत की थी मीट फैक्टरी में तैनाती
अलीगढ़। इस मीट फैक्ट्री में गोमांस की पुष्टि पर तत्कालीन सीवीओ एनएन शुक्ला जांच की तो सामने आया कि पशु चिकित्साधिकारी डा.अजीत की तैनाती को नियम विरुद्ध पाया। वर्तमान में इनकी तैनाती खैर के उंटवारा में है। इसके लिए सीवीओ ने चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भी भेजा था। पशु चिकित्साधिकारी पर कार्रवाई तो नहीं हुई मगर सीवीओ का स्थानांतरण अवश्य हो गया।
शासन से अलतबारक मीट फैक्टरी की जांच आई थी। दादरी में पकड़े गए गोमांस में इस कम्पनी का भी नाम का उल्लेख है। तीन बार टीम भेजी गई मगर फैक्टरी बंद मिली। ऐसे में लाइसेंसी अथारिटी को पत्र भेज कर यथा स्थिति से अवगत करा दिया गया है।-दीनानाथ यादव, खाद्य सुरक्षा आयुक्त
अभी हाल में ही कार्यभार ग्रहण किया है। मामला दादरी में पकड़ा गया है। अलीगढ़ की कम्पनी इसमें शामिल है तो इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई जाएगी। पुराने कागजातों को खंगाला जाएगा।-डॉ. दिवाकर त्रिपाठी, सीवीओ
अल तबारक फर्म का लाइसेंस प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नवीनीकरण आवेदन में कमियों के चलते नवीनीकृत नहीं हुआ है। इसके चलते फर्म पर एक जनवरी को सील लगाई गई है। बाकी जांच के लिए कमेटी बनी हुई है।-राधेश्याम, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूूषण नियंत्रण बोर्ड