इसी बीच रविवार देर रात अनुसूचित जाति पक्ष ने ग्राम समाज की दूसरी खाली पड़ी जमीन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी। इससे सोमवार की सुबह दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया। बघेल पक्ष के लोग थाने पर पहुंच गए और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा हटवाने की मांग की। सूचना पर चार थानों की फोर्स सहित नायब तहसीलदार सुरेंद्र गौतम और एसडीएम कोल दिग्विजय सिंह, तीन सीओ भी पहुंच गए। प्रतिमा हटाने का प्रयास किया तो अनुसूचित जाति पक्ष के लोग सुबह से डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के चारों ओर बैठकर नारेबाजी और प्रदर्शन करने लगे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद वह ग्राम समाज की जमीन से आंबेडकर प्रतिमा हटाने के लिए तैयार नहीं है।
बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश गौतम, पूर्व जिलाध्यक्ष रतन दीप सिंह, बिजेंद्र सिंह विक्रेम, शेष कुमार शर्मा, देवीलाल, प्रेम सिंह, योगेश कुमार, सुनील कुमार आदि भी मौके पर पहुंच गए। इन लोगों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को सामान्य करने का प्रयास किया। हालांकि बसपाइयों का कहना है कि एक दो दिन में वार्ता कर विवाद का निस्तारण कराया जाएगा। देर रात तक अनुसूचित जाति पक्ष के लोग प्रतिमा को घेरे बैठे थे। पुलिस मौके पर मौजूद थी।
हाईवे किनारे है गांव, करोड़ों की कीमत की है सरकारी जमीन इब्राहिमपुर भीमपुर गांव हाईवे के किनारे है। इस गांव की जिन सरकारी जमीनों पर मंदिर और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जा रही है, उसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।
इस प्रकरण में दोनों ही पक्ष सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से बिना अनुमति या सहमति के काम करा रहे हैं। हालांकि अभी प्रतिमा नहीं हटी है। प्रयास व बातचीत जारी हैं। पुलिस लगा रखी है। मगर दोनों पक्षों पर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।-दिग्विजय सिंह, एसडीएम कोल