न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
क्वार्सी इलाके के डा. शीलेंद्र के अपहरणकर्ता अनुकल्प और मोहित को पुलिस ने रविवार 11 बजे पुलिस के आदेश से जेल पहुंचकर अपनी कस्टडी में लिया। यहां से पुलिस अनुकल्प को सामान बरामदगी के लिए उसके गांव अचलपुर, मिरहची, एटा लेकर पहुंची। वहां उसने गांव में बने घर से डाक्टर का टोपा, मफलर, गाड़ी की आरसी, बीमा, रजाई व चश्मा बरामद कराया। पुलिस ने अनुकल्प के विषय में गांव में पूछताछ की तो भौचक्का रह गई। दरअसल, पुलिस को गांव के लोगों से पता लगा कि अनुकल्प के परिवार के एक सदस्य न्यायिक सेवा में थे। पूरा परिवार रसूखदार है। एक समय में उनका रहन-सहन राजाओं की तरह था।
सीओ तृतीय अनिल समानिया ने बताया कि अनुकल्प चौहान पुत्र विजयचंद चौहान निवासी दीनदयाल पुरम, नदरई गेट, कोतवाली, कासगंज मूल रूप से अचलपुर, थाना मिरहची, एटा का रहने वाला है। डाक्टर का अपहरण करने के बाद गैंग उसे अनुकल्प के घर में ही लेकर गया था। वहां उसे दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रखा गया था। इस मकान के पास मंदिर व मस्जिद है। इसके साथ ही रेलवे की लाइन भी गुजर रही है।
चौकाने वाली बात यह है कि बात यह है कि गांव में घनी आबादी में बने इस मकान में शीलेंद्र को गैंग ने इतनी सफाई के साथ छुपाया था कि गांव के लोग या किसी आस-पड़ोसी को भी उसके विषय में कुछ पता नहीं लगा। देर शाम को अनुकल्प को लेकर वापस अलीगढ़ पहुंचे। अनुकल्प के साथ ही मोहित चौधरी पुत्र राजवीर सिंह निवासी शंकर विहार कालोनी, क्वार्सी को भी कस्टडी में लिया था। इन दोनों को आज यानी सोमवार सुबह 11 बजे वापस जेल में दाखिल करा दिया जाएगा।