खैर के अंडला में रक्षा संबंधी उपकरण बनाने की फैक्टरी के तौर पर बसाए जा रहे डिफेंस कॉरिडोर को 200 हेक्टेयर में विस्तार करने की योजना पर फिर से मुआवजे का ग्रहण लगता दिख रहा है। अंडला से सटे कोल तहसील के गांव कीरथपुर नीवना में 24 हेक्टेयर जमीन जिला प्रशासन की ओर से चिन्हित की गई है।
यह जमीन 125 किसानों से ली जा रही है। इसके अधिग्रहण के लिए सहमति की प्रक्रिया जारी है। मगर, कुछ किसान सहमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। अब इन्होंने चार गुने मुआवजे की मांग कर दी है, जबकि प्रशासन सर्किल रेट से दोगुने दाम की बात कह रहा है। कुछ किसानों के बीच से उठी सुगबुगाहट अंडला तक जा पहुंची, जिन किसानों ने पहले ही जमीन दे दी है। वह भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
खैर के अंडला क्षेत्र में विकसित होने जा रहे डिफेंस कॉरिडोर का भौतिक निरीक्षण अपर मुख्य सचिव गृह व यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी व उनकी टीम द्वारा पिछले साल ही किया जा चुका है। इस कॉरिडोर के जरिये में जिले में विकास व रोजगार का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
इसमें ढाई हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सब कुछ ठीक रहा तो सितंबर में इसका उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किया जा सकता है। प्रशासन जितनी भी जमीन चिह्नित करके यूपीडा को दे रहा है। उस जमीन के बदले उसके मालिक को सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा दिया जा रहा है।
इस जमीन को यूपीडा के जरिये उद्योगपतियों को आवंटित किया जा रहा है। जैसे ही उद्योगपति यहां पर रक्षा उपकरण बनाने की फैक्टरी स्थापित कर देंगे। स्थानीय युवाओं के पास रोजगार के बेहतर अवसर होंगे। अभी तक 100 हेक्टेयर के करीब जिला प्रशासन ने अधिग्रहण कर यूपीडा को सौंप दी है। यूपीडा ने इस जमीन को कंपनियों को आवंटित करना भी शुरू कर दिया है।
करीब 20 कंपनियों के नाम पर अभी तक जमीन आवंटित हो चुकी है। एक साल पहले यहां करीब 450 रुपये मीटर की रेट से जमीन उद्यमियों को दी जा रही थी, अब इसे 1450 के करीब कर दिया है। उद्यमी इस प्रोजेक्ट को लेकर खासे खुश हैं। वह इसमें और अधिक निवेश करना चाहते हैं। इस पर यह तय हुआ है कि 200 हेक्टेयर में इस प्रोजेक्ट का विस्तार होगा।
अंडला से सटे गांव में ही 60 हेक्टेयर और जमीन की तलाश कर सर्किल रेट से दोगुने मुआवजे पर उक्त जमीन की खरीद करेगा और यूपीडा को हस्तांरित करेगा। मगर, कीरथपुर नीवना से उठी चार गुना मुआवजे की सुगबुगाहट ने जिला प्रशासन के सामने समस्या खड़ी कर दी है। इससे पूर्व 2020 में जमीन अधिग्रहण के शुरूआती दौर में अंडला के किसानों ने चार गुना मुआवजे की मांग की थी।
उन्होंने झांसी व जिलों में स्थापित किए जा रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन चार गुना मुआवजे पर अधिग्रहण को इसका आधार बनाया था। उस समय तमाम फजीहतों और माथापच्ची के बाद जिला प्रशासन ने जैसे-तैसे मामले को साधते हुए किसानों को दोगुने मुआवजे पर ही जमीन देने को तैयार किया था।
एसडीएम कोल कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि कीरथपुर नीवना के किसानों से वार्ता हो रही है। अधिकांश किसानों ने सहमति भी दे दी है। कुछ किसान हैं, उनको भी समझा जमीन अधिग्रहण का काम जल्द कर लिया जाएगा।