जिले के कोटेदारों को अब राशन पाने के लिए ब्लाक स्तरीय गोदामों पर चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार ने राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए अब सीधे कोटेदार के गोदाम पर ही राशन पहुंचाने का निर्णय लिया है। जिले में डोर स्टेप डिलीवरी की शुरुआत भी हो गई है।
पहले चरण में 11 ब्लाकों में एक साथ वितरण की शुरुआत होने जा रही है। जवां ब्लॉक का टेंडर जारी नहीं हो पाया है। इसके चलते यहां पर दूसरे चरण में इस व्यवस्था की शुरुआत होगी। जिले में कुल 1300 से अधिक राशन की दुकानें हैं। इनसे करीब साढ़े छह लाख कार्ड धारक राशन लेते हैं। अब तक कोटेदारों को ब्लाक स्तरीय गोदामों से राशन मिलता है, लेकिन कई बार अनाज उठान में देरी होती है। इससे कार्ड धारकों को समय से राशन नहीं मिल पाता है।
कोटेदारों का आरोप रहता है कि उन्हें गोदाम से कम राशन मिलता है। प्रति बोरी पांच किलो तक कम राशन मिलता है। राशन के उठान में प्रयोग आने वाले वाहन का खर्च भी उन्हें अपनी जेब से देना पड़ता है। ऐसे में अब सरकार ने कोटेदारों को राहत देने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी की व्यवस्था तैयार की है।
डीएसओ शिवाकांत पांडेय ने बताया कि जिले में कुल 12 ब्लाक हैं। इनमें जवां ब्लाक में इस व्यवस्था का अभी टेंडर नहीं हो पाया है। अन्य 11 ब्लाकों में एक साथ शुरुआत होने जा रही है। ठेकेदारों को इसके लिए सभी गोदामों पर वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए हैं।