आशीष अग्रवाल ने बताया कि एक बार मतदान करने के बाद अगर आप दोबारा आधार कार्ड से लॉग इन करेंगे, तो लॉग इन तो हो जाएगा, पर वोट नहीं कर सकेंगे। वोट करने के लिए मतदान वाले दिन सुबह निर्धारित समय पर पोर्टल से वोटिंग शुरू होगी और शाम को मतदान समाप्ति के बाद वोट नहीं डाल सकेंगे।
ये होंगे फायदे
- वोट घर बैठे मोबाइल, कंप्यूटर, जन सेवा केंद्र से डाल सकेंगे।
- फर्जी मतदान संभव नहीं होगा।
- आपका वोट आपकी पसंदीदा पार्टी को ही जाएगा।
- एक मिनट में वोट डाल सकेंगे।
- वोटों की गिनती में भी घंटों नहीं, बल्कि पांच मिनट लगेंगे।
- मतदान केंद्र, सुरक्षाकर्मी, मतदानकर्मी आदि की व्यवस्था नहीं करनी पड़ेगी, जिससे करोड़ों रूपये बचेंगे।
- मतदान का डाटा सालों साल रखा जा सकेगा।
एक देश-एक चुनाव होगा आसान
आशीष के बनाए ई वोटिंग पोर्टल पर अगर काम किया जाए, तो पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना आसान होगा। एक साथ चुनाव के लिए ज्यादा इंतजाम की जरूरत नहीं होगी।
पिता प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि अगर आशीष के बनाए हुए प्रोजेक्ट पर चुनाव आयोग, सरकार आगे काम करे, तो भारत सच में डिजिटल इंडिया बनकर उभरेगा। बैलेट पेपर, ईवीएम के बाद जनता को घर बैठे आसानी से वोट डालने का मौका मिलेगा। उन्हें निर्वाचन आयोग, गृहमंत्रालय अथवा पीएएमओ के उत्तर की प्रतीक्षा है।
ऐसे कंप्यूटर बॉय बना आशीष
पिता प्रशांत अग्रवाल एक एडवोकेट हैं। उसकी मां डॉ रेखा गुप्ता अब गृहणी हैं। बड़ी बहन सौम्या अग्रवाल हाईस्कूल की छात्रा है। आशीष खुद आठवीं कक्षा का छात्र है। वह नौरंगी लाल इंटर कॉलेज में पढ़ता है। कोडिंग के मास्टर ने अब तक पाइथन, माइक्रोसॉफ्ट, जीमेल आदि विषयों पर नौ डिजिटल किताबें लिखी हैं। उन्होंने कई वेबसाइट और लगभग 200 गेम भी डिजाइन किए हैं। उसने कोविड काल में कंम्प्यूटर को अपना दोस्त बनाया। आज उसे कंप्यूटर बॉय का तमगा मिला हुआ है।
पहले तो ई वोटिंग सिस्टम बनाने का प्रयास करने वाले बच्चे को बधाई। इलेक्शन मैनजमेंट सिस्टम में सबसे महत्वपूर्ण मानक है सिस्टम के डिजाइन का, जिसमें मतदाता किस को वोट कर रहा है, यह उसके अलावा किसी को पता न चले। इस पर सिस्टम सही साबित हो। इसके साथ ही अन्य और भी मानक हैं, जिनके ऊपर ई वोटिंग सिस्टम को परखना होगा।-प्रो अरमान रसूल फरीदी, चेयरमैन , कम्प्यूटर सांइस विभाग, एएमयू