कमिश्नर ने गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और तीन साल तक के बच्चों के नियमित गृह भ्रमण, पोषण आकलन और परामर्श के निर्देश दिए। अतिकुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कर नियमित निगरानी और छह माह की कार्ययोजना पर जोर दिया।
अलीगढ़ कमिश्नरी सभागार में ओ.पी. आर्य की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इसमें एनीमिया मुक्त भारत, स्वस्थ महिला-स्वस्थ गर्भावस्था, स्वस्थ शिशु और पोषण वॉरियर्स-2 कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कमिश्नर ने महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा उनके परिणाम धरातल पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि गर्भवती, नवजात शिशु को दूध पिलाने वाली महिलाओं और तीन वर्ष तक के बच्चों का नियमित गृह भ्रमण हो। भ्रमण के दौरान उनके स्वास्थ्य व पोषण का आकलन कर परामर्श व सेवाएं दी जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समीक्षा बैठकों में प्रस्तुत आंकड़े वास्तविक होने चाहिए। केवल कागजी प्रगति के बजाय धरातल पर वास्तविक सुधार दिखना चाहिए। अधिकारियों को कमियों व समस्याओं को चिह्नित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
आगामी छह माह में मंडल के चारों जनपदों में पोषण स्तर सुधारने की कार्ययोजना बनाई गई है। जिसके प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित अनुश्रवण पर जोर दिया। अतिकुपोषित बच्चों की समय से पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाए। उपचार के बाद भी उनकी नियमित निगरानी हो। प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ निर्वहन करें। हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति दिखाना नहीं है। बैठक में जेडीसी मंशाराम यादव, एडी स्वास्थ्य डॉ. नीरज त्यागी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी आदि मौजूद रहे।