एडीजी-112 अशोक कुमार सिंह की पहल पर प्रदेश के तीन जिलों में तीन दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम सोमवार से शुरू होने जा रहा है, जिसमें आगरा, अलीगढ़ और फिरोजाबाद जिलों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम में यूपी- 112 मुख्यालय से पुलिस अधीक्षक अजय पाल शर्मा, एएसपी मोहिनी पाठक और मीडिया सेल प्रभारी करुणा शंकर सिंह के नेतृत्व में टीमें जनपद पुलिस के सहयोग से नागरिकों को 112 की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगी।
नंबर एक, सेवाएं अनेक
इस जागरूकता कार्यक्रम में नागरिकों को बताया जाएगा कि किसी भी आपात स्थिति में सिर्फ यूपी-112 पर कॉल करके कैसे विभिन्न सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। 112 के माध्यम से पुलिस सहायता के अलावा आग लगने पर अग्निशमन, वाहन दुर्घटना होने पर एंबुलेंस और प्राकृतिक आपदा के समय एसडीआरएफ के सेवाएं ले सकते हैं। इसके अलावा आवश्यकता पर चलती ट्रेन में भी आपात सहायता 112 के माध्यम से ली जा सकती है।
महिलाओं और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा का ध्यान
महिलाओं और बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूपी-112 द्वारा विशेष तौर पर योजनाएं संचालित की जा रही हैं। घरेलू हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए पीड़ित महिलाओं का 112 में पंजीकरण किया जाता है।
ताकि पुलिस प्रबल प्रतिक्रिया दे सके। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक अकेली महिला अपने गंतव्य तक जाने के लिए 112 पर कॉल कर पुलिस सहायता ले सकती है। अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘सवेरा’ योजना 112 द्वारा चलाई जा रही है। प्रदेश में कहीं से भी बुजुर्ग यूपी-112 पर कॉल करके अपना पंजीकरण करा कर सवेरा योजना का लाभ ले सकते हैं।
- यूपी-112 द्वारा आज से शुरू किए जा रहे इस जागरूकता कार्यक्रम में लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। इसके प्रति जागरूक हों और समझें कि पुलिस कैसे मदद करती है।
-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
अब गांव-गांव महिलाओं को जागरूक करेगी महिला पुलिस बीट
महिला संबंधी अपराध के नियंत्रण के लिए एसएसपी स्तर से मिशन शक्ति अभियान के तहत नया कदम उठाया गया है। अब जिले के हर थाने में तीन से चार महिला बीट बनाई गई हैं, जिनमें महिला दरोगा, मुख्य आरक्षी व सिपाहियों को शामिल किया गया है।
इन बीटों को महिला बीट पुलिस अधिकारी का नाम दिया गया है और ये गांव-गांव महिलाओं से संवाद करेंगी और महिला संबंधी अपराध नियंत्रण पर काम करेंगी। एसएसपी कलानिधि नैथानी के अनुसार अब तक शहरी क्षेत्र के थानों में महिला बीट सक्रिय थी।
मगर अब जिले के प्रत्येक थाने में बीट बनाई गई है। इस बीट में शामिल पुलिस अधिकारी प्रत्येक सप्ताह में कम से कम दो बार गांव-गांव जाएंगी और ग्राम पंचायत भवनों में बने मिशन शक्ति कक्ष में महिलाओं की समस्याएं सुनकर उन्हें महिला अपराध के प्रति जागरूक करेंगी और पुलिस स्तर से संचालित योजनाओं की जानकारी देंगी।
प्रत्येक महिला बीट अपनी बीट बुक में भ्रमण का ब्योरा दर्ज करेंगी। जिसका पर्यवेक्षण प्रतिमाह इलाके के सीओ करेंगे। एसएसपी ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए पहले से एंटी रोमियों टीम, महिला बीट सिस्टम के तहत महिला आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है। महिला सुरक्षा के लिए बाजारों, कोचिंग सेंटर, पार्क, मंदिरों आदि में ये टीमें सक्रिय हैं।
इसका उद्देश्य मिशन शक्ति अभियान के तहत आमजन की सुविधा के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग को और मजबूती देना है। जिले में इस अभियान के प्रभावी संचालन के लिए 31 एंटी रोमियो स्क्वायड टीम, 173 मिशन शक्ति कक्ष, 143 महिला बीट सक्रिय हैं और मिशन शक्ति कक्ष में 220 महिलाकर्मियों का स्टाफ सक्रिय हैं।