सड़क दुर्घटना में घायल अनुज के परिजन इंतजार करते हुए लोग।
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थाना क्वार्सी क्षेत्र में रामघाट रोड पर मंगलवार की देर शाम ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर घर के इकलौते चिराग 12 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। जबकि उसका रिश्ते का भाई 11 वर्षीय बच्चा घायल हो गया। हादसे के बाद आरोपी ट्रैक्टर चालक को भीड़ ने पकड़ लिया और मारपीट कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है।
सासनी गेट के पला साहिबाबाद में रहने वाले धर्मवीर कारखाने में नौकरी करते हैं। मंगलवार शाम को तकरीबन 6 बजे धर्मवीर का 12 वर्षीय बेटा तनुज अपने फुफेरे भाई अनुज पुत्र हीरालाल निवासी होली चौक क्वारसी के साथ खेल रहा था। पिता हीरालाल रामघाट रोड पर गीतांजलि हॉस्पिटल के पास सब्जी की ढकेल लगाते हैं। दोनों बच्चे हीरालाल की ढकेल पर पहुंच गए। दोनों बच्चे सड़क पार करने लगे। इसी बीच एक ट्रैक्टर ट्रॉली ने दोनों को रौंद दिया। दोनों को गीतांजलि हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से तनुज को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां पर डाक्टरों ने तनुज को मृत घोषित कर दिया। जबकि अनुज का उपचार गीतांजलि हॉस्पिटल में चल रहा है। हादसे के बाद गुस्साई भीड़ ने ट्रैक्टर चालक को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट कर डाली। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। थाना क्वार्सी के प्रभारी छोटे लाल का कहना है कि पुलिस को इंतजार है कि पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर मिले तो वह आगे की कार्रवाई करेंगे।
इकलौते भाई की मौत के बाद बहनें बोलीं अब राखी किसे बांधेंगी
क्वार्सी क्षेत्र में रामघाट रोड पर गीतांजलि हॉस्पिटल के पास मंगलवार की देर शाम हुए हादसे में मारा गया बच्चा 12 वर्षीय तनुज तीन बहनों का इकलौता भाई था। रक्षाबंधन से कुछ दिनों पहले ही हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद तीनों बहनों का भी रो-रो कर बुरा हाल हो रहा है। तीनों बहनें सांत्वना देने आने वालों से एक ही पुकार कर रही हैं कि अब वह रक्षाबंधन पर किस को राखी बांधेंगी। लोगों के मुताबिक तनुज को डांस का बहुत शौक था और उसका सपना था कि वह एक दिन इंडियन आइडल रियलिटी शो में जाए। टेलीविजन पर जब भी यह प्रोग्राम आता था तो वह बड़े चाव से देखता था। वह सभी की आंखों का दुलारा था।
वह अक्सर अपनी बहनों से कहता था कि जब वह बड़ा हो जाएगा तो उनको बहुत सारे उपहार देगा। इस रक्षाबंधन के लिए भी जब बहनों ने उससे पूछा था कि इस बार क्या दोगे तो तनुज ने कहा था इस बार वह सभी बहनों को नए कपड़े देगा। जब बहनों ने उससे पूछा कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा? तो उसने मासूमियत से जवाब दिया था कि इसके लिए वह पैसा पापा से ले लेगा। उसकी यही सब बातें याद कर के परिवार वालों का बुरा हाल हो रहा है। उसकी मां रेखा ने जब हादसे की खबर सुनी तो वह अपने होश हवास खो बैठी। पास पड़ोस की महिलाओं ने जब उसे किसी तरह से संभाला तो उसे कुछ होश आया, लेकिन उसके बाद वह फिर से बेहोश हो गई ।
इस रोड पर आए दिन होते हैं हादसा
रामघाट रोड पर ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आकर आए दिन हादसे होते हैं। रामघाट रोड पर क्वारसी चौराहे से हरदुआगंज की ओर आगे बढ़ने पर बालू से लदे ट्रैक्टर और इनका कारोबार होता है। अक्सर यह ट्रैक्टर अपना गंतव्य जल्दी हासिल करने के लिए बहुत तेज गति में चलते हैं इनमें न तो कोई सुरक्षा मानक है और न अत्याधुनिक ब्रेक प्रणाली।