एसडीएम कोल संजीव ओझा कार्यालय की अमर उजाला में प्रकाशित खबर और वायरल वीडियो के प्रकरण में डीएम ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
इस मामले में एसडीएम पर अभद्रता का आरोप लगाने वाली महिला संजय देवी के पुत्र ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कई सवाल उठाए हैं। उसने कहा है कि उसके पास जमीन के कागज हैं, अदालत से स्टे है। इसके बाद भी लॉकडाउन में उक्त प्लाट पर ममता देवी को कब्जा कराया गया है। ये कहां तक उचित है। इसी ज्यादती को लेकर उनका पूरा परिवार संघर्ष कर रहा है। प्रशासनिक अधिकारी एक पक्षीय कार्रवाई कर रहे हैं।
गौर हो कि सारसौल स्थित एक प्लाट को लेकर वहां काबिज ममता देवी और संजय देवी के बीच में विवाद है। मामला अदालत में विचाराधीन है लेकिन संजय देवी पक्ष ने तहसील के प्रशासन पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया है। इसी मामले में पैरवी करने गई संजय देवी का कहना है कि एसडीएम कोल संजीव ओझा ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इधर, एसडीएम ने कहा है कि मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण वह कुछ नहीं कर सकते और संजय देवी पक्ष लगातार कब्जा कराने का दबाव बन रहा है, जो उचित नहीं है। इधर, जिलाधिकारी ने इस मामले में एसडीएम से पूरा मामला तलब किया है, क्योंकि ये मामला वर्तमान अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ और सोशल मीडिया में भी वायरल हो गया है।