न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मिर्जापुर में पकड़े गए बन्नादेवी क्षेत्र के रहने वाले सीबीआई के फर्जी डीआईजी को सीबीआई दिल्ली ने भी निशाने पर ले लिया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी क्रम में शनिवार सुबह-सुबह सीबीआई के विवेचक टीम के साथ यहां पहुंचे और उससे घंटों तक पूछताछ करने के साथ-साथ उसे नोटिस तामील कराया।
मूलरूप से बुलंदशहर निवासी राजीव सिंह पुत्र उदयवीर सिंह यहां अपनी ससुराल शिवपुरी बन्नादेवी में रहता है। स्थानीय स्तर पर लोगों को वह खुद को ठेकेदार बताता है। हालांकि बहुत ज्यादा उसका लोगों से घुलना मिलना नहीं है। अक्तूबर माह में उसने खुद को सीबीआई का डीआईजी बताकर एसपी मिर्जापुर को फोन किया था और कहा था कि परिवार सहित विंध्याचल दर्शन करने आ रहा हूं। गाड़ी व ठहरने की व्यवस्था करा देना।
इस पर एसपी ने वहां के पुतलीघर स्थित गेस्ट हाउस में ठहरने की व्यवस्था कराई थी। 9 अक्तूबर को वह परिवार सहित ब्रह्मपुत्र मेल से मिर्जापुर पहुंचा था। वहां उतरने पर फिर अधिकारियों को फोन किया तो सीओ सदर कटरा उन्हें लेने पहुंचे। मगर सीओ को उनकी गतिविधियों पर शक हुआ तो अधिकारियों को बताया गया। बाद में उनसे होटल में पूछताछ हुई तो राजीव सिंह टूट गए और सच्चाई बता दी। इस पर वहां मुकदमा दर्ज कर राजीव को जेल भेजा गया। अब सप्ताह भर पहले ही राजीव जमानत पर छूटकर आया है।
इधर, इस खबर पर सीबीआई के डीआईजी ने भी अपने यहां मुकदमा दर्ज कराया, जिसकी जांच सीबीआई के ही इंस्पेक्टर एके सिंह कर रहे हैं। शनिवार सुबह 9 बजे यह विवेचक इंस्पेक्टर सहित कुल छह लोगों की टीम बन्नादेवी थाने पहुंची। बाद में स्थानीय पुलिस संग उसके शिवपुरी घर पहुंची। जहां दोपहर दो ढाई बजे तक पूछताछ की।
इस दौरान घर की तलाशी के लिए पुलिस टीम सर्च वारंट भी लेकर आई थी और कुछ जरूरी वस्तुएं अपने साथ ले गई। वहीं नोटिस तामील कराकर गई है कि वह 15 दिन के अंदर दिल्ली आकर बयान दर्ज कराएं। अन्यथा टीम आगे की कार्रवाई करेगी। इस दौरान घर के बाहर तमाम चर्चाएं रहीं। सीबीआई के जाने के बाद किसी की आवाजाही घर के बाहर नहीं हुई। इंस्पेक्टर बन्नादेवी धीरेंद्र मोहन के अनुसार सीबीआई टीम राजीव के घर पूछताछ कर व नोटिस तामील कराकर गई है। हमसे जो मदद मांगी गई। वह की गई।