धनीपुर मिनी एयरपोर्ट के निर्माण में अटका चार करोड़ रुपये का रोड़ा अब रास्ते से हटेगा। अगले सप्ताह लखनऊ में सिविल एवीएशन उप्र और राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों के बीच बैठक प्रस्तावित हो गई है। माना जा रहा है कि सिविल एवीएशन निर्माण कार्य के लिए पैसे दे देगा। अगर, सबकुछ ठीक रहा तो जिले के लोगों को दीपावली पर उड़ान की सौगात मिल सकती है। पैसों के अभाव में वर्तमान में टर्मिनल में फॉल सिलिंग, पंप हाउस, मीटर रूम, वीसीवी रूम, ऑपरेशनल बाउंड्री, 55 कारों की क्षमता की पार्किंग, जो कि अभी सिर्फ 15 कार की ही बनी है। यह सभी कार्य अटक गए हैं।
राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर हरीओम शर्मा ने बताया कि धनीपुर मिनी एयरपोर्ट के निमार्ण कार्य के लिए 16.44 करोड़ रुपये का बिलो टेंडर हुआ था। उस समय तैयार किए गए प्रोजेक्ट में कुछ कार्यों को शामिल नहीं किया गया था। बाद में उन कार्यों को शामिल किया गया। इधर, राजकीय निर्माण निगम ने लो लैंड होने के चलते हवाई पट्टी के नीचे डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से लाल बालू भरवा दी गई। इसके लिए निर्माण निगम को कहा गया कि यह टेंडर में प्रस्तावित नहीं था। मगर, जरूरत को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था। इसके साथ ही चार किलोमीटर की बाउंड्रीवाल में से दो किलोमीटर की जिस बाउंड्रीवाल का मरम्मत कराई गई, वह ढह गई। इन दोनों मामलों में तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर को नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
अब तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश बाबू द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 18 दिसंबर 2018 को बालू भराने की मंजूरी संबंधी मेल भेजा था। वहां से 26 जनवरी 2019 को इसकी मंजूरी मिल गई। इस बात को उन्होंने चार्जशीट के खिलाफ कोर्ट में जाकर भी रखा है। बीते चार दिसंबर 2019 को रिवाइज एस्टीमेट शासन को भेजा गया था, जिस पर अब शासन सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। बैठक में सभी मुद्दों और धनराशि जारी होने पर विचार किया जाएगा। पैसे मिलते ही टर्मिनल के शेष काम पूरे कराए जाएंगे।