आईजी दीपक रतन ने शनिवार को बकरीद के मौके पर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुराने व नए शहर में वह घूमे। इस बीच जीवनगढ़ पुलिया पर दरोगा के न मिलने पर वे नाराज हुए और दरोगा अफसर खान को निलंबित कर दिया। इसके अलावा कुछ स्थानों पर फोर्स उन्हें नियतन से कम मिला, जिसे लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
आईजी दीपक रतन दोपहर में सबसे पहले ऊपरकोट, देहली गेट, सासनी गेट, रेलवे रोड आदि इलाकों के सुरक्षा इंतजाम देखने गए। इस दौरान उन्हें कुछ स्थान ऐसे मिले, जहां फोर्स निर्धारित मानक से कम था। इसे लेकर उन्होंने तत्काल एसएसपी व एसपी सिटी को बताया कि जो मानक है, उस मानक के अनुसार ही फोर्स तैनात किया जाना चाहिए। उससे कम नहीं। हालांकि अधिकारियों की ओर से तर्क दिया गया कि फोर्स प्वाइंट बढ़ा दिए गए हैं। इसलिए एक प्वाइंट पर कम लगाया गया है। इसके बाद वे कमिश्नरी रोड पर धौर्रा की ओर बढ़े तो जीवनगढ़ पुलिया पर एक प्लाटून पीएसी की तैनाती थी। मगर वह इधर उधर घूम रहे थे। वहीं तैनात दरोगा के विषय में पूछा गया तो वे मौके पर नहीं थे।
इस पर आईजी ने तत्काल धौर्रा चौकी प्रभारी दरोगा अफसर खान को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। हालांकि, दरोगा की ओर से सफाई पेश की गई कि उस वक्त वह महेशपुर फाटक पर एक्सीडेंट के बाद दो वाहन चालकों में आपसी मारपीट और भीड़ एकत्रित होने की सूचना पर जीवनगढ़ से वहां चले गए थे। आईजी दीपक रतन ने बताया कि इस तरह के मौकों पर तैनात पुलिस अफसर व कर्मी अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहें। किसी भी स्तर पर लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।