कमेटी के सदस्य पिछले 15 दिन से जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं। कमेटी के सदस्य आमिर मिंटू कहते हैं कि आपदा की वजह से सभी छात्रों ने यह फैसला लिया है कि ईद मनाने के लिए अपने घर नहीं जाएंगे।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स की ऑर्गेनाइजेशन, एएमयू कोआर्डिनेशन कमेटी की पूरी टीम के सदस्यों ने ईद पर अपने घर में न जाकर जरूरतमंद लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के काम में जुटे रहने का फैसला किया है।
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कमेटी के सदस्य पिछले 15 दिन से जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहे हैं। कमेटी के सदस्य आमिर मिंटू कहते हैं कि आपदा की वजह से सभी छात्रों ने यह फैसला लिया है कि ईद मनाने के लिए अपने घर नहीं जाएंगे। क्योंकि अगर वह ईद मनाने घर चले गए तो यहां पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने का मकसद अधूरा रह जाएगा। इसलिए हम लोग मरीजों के तीमारदारों के साथ ही ईद मनाएंगे। आफताब हॉल में कमेटी का रिफिलिंग प्वाइंट है। वहां पर किसी भी मरीज के तीमारदार आकर ऑक्सीजन रिफिल करा सकते हैं।
महामारी के चलते जिले में मरीजों के लिए ऑक्सीजन का गहरा संकट है। सरकारी अस्पताल सहित निजी अस्पताल भी ऑक्सीजन के लिए जूझ रहे हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के छात्रों का यह प्रयास मरीजों के तीमारदारों के लिए राहत देने वाला है।
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केदारनाथ आपदा के समय में भी एएमयू छात्रों ने की थी पहल
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी कहते हैं कि जब भी समाज पर या देश पर कोई संकट आया है। तब-तब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने आगे बढ़कर मानवता की सेवा की है। केदारनाथ आपदा के समय जेएन मेडिकल कॉलेज से रेजिडेंट डॉक्टर का एक समूह मेडिकल सहायता के लिए पहुंचा था। इसके अलावा भी समय-समय पर एएमयू छात्रों ने राहत और बचाव के कार्य में भाग लिया है।