गृह मंत्री अमित शाह की रैली के लिए अपनी बसें देने से महानगर मिनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन द्वारा इंकार किए जाने के बाद अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए थे। शाम को एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने आश्वासन दिया कि निजी बस ऑपरेटर्स की सभी समस्याओं का निदान कराया जाएगा, लेकिन पहले वह रैली में सहयोग करें।
उनके इस आश्वासन पर निजी ऑपरेटरों ने अपनी बसें भेजने पर सहमति जताई। इस बीच भाजपा की तरफ से कुछ बसों की संख्या कम कर दी गई। महानगर मिनी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने डग्गामारी और महानगर के आधे परमिट पर ही बसें चलने देने का विरोध करते हुए समस्या के समाधान की मांग उठाई थी। पदाधिकारियों का कहना था कि जनप्रतिनिधि से लेकर अधिकारियों तक समस्या रख दी है, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया है।
इसीलिए हम भाजपा की रैली में कोई सहयोग नहीं करेंगे। अपनी बसों को नहीं भेजेंगे। बसों का इंतजाम न होने पर अधिकारियों ने बुधवार दोपहर में एसोसिएशन से वार्ता की। लेकिन वार्ता विफल रही। शाम को एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने आरटीओ कार्यालय पर एसोसिएशन से बातचीत की और कहा कि दोनों समस्याओं को खत्म कराएंगे।
न तो डग्गेमारी होने दी जाएगी और महानगर सिटी परमिट की समस्या भी खत्म कराएंगे। लेकिन अभी रैली के लिए सभी का सहयोग चाहिए। एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह व सचिव अरविंद सेंगर ने बताया कि एआरटीओ प्रशासन के आश्वासन पर हम लोग बस देने को तैयार हो गए हैं।
शाम तक डीजल का रुपया पहुंचने में हुई आनाकानी
शाम को बस ऑपरेटर्स अपनी बस देने के लिए तैयार हो गए, लेकिन उन्हें डीजल का रुपया नहीं मिला। तकरीबन 400 गाड़ियां ऐसी थीं, जिनको डीजल खर्च नहीं मिला था। ऐसे में शाम को भाजपा संगठन की ओर से कहा गया कि एक-दो घंटे में खर्चा पहुंच जाएगा। तब तक बस मालिक आनाकानी करते रहे। बाहर से आने वाली बसों का भुगतान पहले ही किया जा चुका था।
सबसे ज्यादा अतरौली में लगाई गईं हैं बस
गृह मंत्री की रैली के लिए सबसे ज्यादा बसें अतरौली विधानसभा क्षेत्र में लगाई गई हैं। यहां 185 बसों से ग्रामीण रैली में पहुंचेंगे। जबकि खैर में 100, टप्पल इंटरचेंज पर 100, इगलास में 131, छर्रा में 142, बरौली में 147 बसें लगाई गई हैं। शहर व कोल विधानसभा क्षेत्र के लिए 100-100 बसें लगाई गई हैं। धनीपुर मंडी और आरटीओ ऑफिस के पीछे बुधवार देर शाम बसों को इकट्ठा किया जा रहा था।