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अलीगढ़: खेत के पानी में उतराता मिला लापता बच्ची का शव

Tue, 28 Sep 2021 09:03 AM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
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क्राइम सीन - फोटो : pixabay
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अलीगढ़ थाना के एक गांव में रविवार शाम से लापता अनुसूचित जाति की चार साल की बच्ची का शव सोमवार सुबह धान के खेत के पानी में उतराता मिला। सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस जांच के बाद शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय लोग आक्रोशित हो उठे। उन्होंने पुलिस की गाड़ियों का रास्ता रोककर जाम लगाने का प्रयास किया। लोगों ने पथराव भी किया, जिसमें एक दरोगा का सिर फट गया और सीओ की गाड़ी के शीशे टूट गए। किसी तरह लाठियां फटकारकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। परिवार में दादी व मां ने दुष्कर्म के बाद हत्या का अंदेशा जताया है। मगर पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
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इलाके के एक गांव का मजदूर तीन बच्चों का पिता है। उसकी सबसे बड़ी चार वर्षीय बेटी रविवार शाम करीब छह बजे से गायब थी। इसे लेकर रविवार देर रात ही पुलिस चौकी पर गुमशुदगी सूचना दे दी गई थी। पिता की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि वह शाम करीब छह बजे पैंठ में कुछ सामान खरीदने जा रहा था। तब उसकी बच्ची व अन्य बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। जब वह पैंठ से लौटा तो उसकी बेटी गायब थी। उसने बच्चों से अपनी बेटी को लेकर पूछा तो पता चला कि वह उसके पैंठ जाने के दौरान उसके ही पीछे पीछे निकल गई। फिर किसी ने उसे नहीं देखा। गुमशुदगी की सूचना पर हलका दरोगा ने गांव व आसपास खेतों में परिवार के साथ बच्ची को तलाशा, मगर अंधेरा अधिक होने के कारण कहीं कुछ नहीं मिला।

पुलिस व परिजन बच्ची को तलाश ही रहे थे कि सोमवार सुबह 11 बजे घर से चार सौ मीटर दूर एक धान के खेत के कोने में हो गड्ढे में भरे पानी में उसका शव उतराता मिला। उसके हाथ, पैर व मुंह का कुछ हिस्सा सफेद पड़ रहा था। मुंह जमीन की तरफ गड़ा हुआ था। कान के सहारे व शरीर के कुछ अन्य हिस्सों पर खरोंच के निशान भी थे। शव मिलते ही मौके पर भीड़ जमा होने लगी। खबर पर सीओ इगलास, इंस्पेक्टर गोंडा आदि भी पहुंच गए। फॉरेंसिक टीम भी बुला ली गई। बाद में एसएसपी कलानिधि नैथानी व एसपी देहात शुभम पटेल भी पहुंचे और घटनास्थल से लेकर घर तक बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान आजाद समाज पार्टी के नेता पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह भी अपनी टीम के साथ परिवार से मिलने गांव पहुंचे और घटनास्थल देखा।
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इधर, जब फॉरेंसिक जांच पड़ताल के बाद दोपहर में पुलिस शव उठाकर चलने लगी तो भीड़ में से कुछ ग्रामीण उत्तेजित हो गए और उन्होंने पुलिस वाहनों का रास्ता रोकने के इरादे से जाम लगा दिया। कुछ ने वाहनों के पीछे दौड़ना शुरू कर दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए अचानक पथराव कर दिया, जिसमें सीओ इगलास की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई और दरोगा सुरेश पाल सिंह का सिर फट गया। बाद में पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को तितर बितर किया और शव को जिला मुख्यालय भेजा। दूसरी ओर अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया।

नाली व गड्ढा बच्ची ने कैसे किया पार
जहां बच्ची का शव मिला है, उसकी दूरी घर से करीब 400 मीटर है। वहां पानी का एक गड्ढा भी है। शव मिलने के स्थान और घर के रास्ते में नलकूप की एक चौड़ी नाली भी है, जिसमें पानी भरा होने पर उम्र के हिसाब से बालिका का निकल पाना और उसे पार कर गड्ढे तक पहुंचना संभव नहीं है। इसे लेकर पुलिस व खुद परिवार से लेकर तमाम ग्रामीण सवाल खड़े कर रहे हैं। इसी मुख्य वजह को ध्यान में रखते हुए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

रात को दरोगा व पिता पहुंचे थे इस स्थान पर
जिस स्थान पर बच्ची का शव मिला है, उस स्थान पर चौकी के दरोगा बच्ची के पिता को लेकर पहुंचे थे। जब बच्ची के गायब होने की सूचना पिता ने चौकी पर दी तो दरोगा सबसे पहले घर पहुंचे। वहां बच्चों से बात की। फिर पैंठ वाले रास्ते तक बच्ची को देखा। इस दौरान पूरे समय पिता साथ रहा। रात करीब 12 बजे पिता के साथ खेत में उस स्थान तक भी देखा, जहां दिन में शव मिला, मगर अंधेरा अधिक होने के कारण कोई सुराग नहीं मिला था।

रविवार शाम से गायब बच्ची का शव सुबह पानी में उतराता मिला है। पैनल के जरिये हो रहे पोस्टमार्टम में ही तस्वीर साफ होगी। गुमशुदगी की सूचना पर मिली तहरीर में दर्ज मुकदमे में धाराओं की बढ़ोत्तरी की जा रही है।
- शुभम पटेल, एसपी देहात।
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