62 वर्ष या उससे अधिक उम्र की 274 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका बुधवार को एक साथ कार्यमुक्त कर दी गईं। डीएम के अनुमोदन के पश्चात हुई कार्यवाही से सबसे ज्यादा प्रभावित जवां ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्र हुए हैं।
शासन ने हाल ही में आदेश जारी कर निर्देश दिये थे कि 62 वर्ष या उससे अधिक उम्र की आंगनबाड़ी एवं सहायिकाओं को कार्यमुक्त कर दिया जाये। रिक्त पदों के सापेक्ष शासनादेश 2012 के अनुसार नई भर्ती की जाये। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रेयस कुमार ने बताया कि 274 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को कार्य मुक्त किया गया है। केंद्रों की व्यवस्था प्रभावित होने से बचाने के लिये जिन केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्य मुक्त हुई हैं, उनका प्रभार सहायिका को दे दिया गया है। जहां दोनों सेवामुक्त हुई हैं, वहां पास के केंद्र की आंगनबाड़ी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्होंने बताया कि नई नियुक्ति प्रक्रिया में कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। इनके मामले में शासन से दिशा निर्देश मांगे गये हैं।
ब्लाकवार कार्य मुक्त की स्थिति
लोधा ब्लॉक में 38, अकराबाद में नौ, अतरौली में दस, गोंडा में आठ, बिजौेली में तीन, गंगीरी में पांच, खैर में चौदह, चंडौस में छह, धनीपुर में 51, शहर में 39, टप्पल में 12, इगलास में 16 व जवां में 59 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को हटाया गया है।
जवां में सर्वप्रथम हुई थी आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थापना
जवां ब्लाक में सर्वाधिक 59 आंगनबाड़ी व सहायिकाएं कार्यमुक्त हुई हैं। इसका कारण बताया जा रहा है कि जिस समय आईसीडीएस की शुरुआत हुई थी, उस समय पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अलीगढ़ के जवां ब्लाक को चुना गया था। उसी समय यहां आंगनबाड़ी एवं सहायिकाओं की नियुक्ति हुई थी।