अकराबाद में किशोरी संग दुष्कर्म की कोशिश में हत्या के नाबालिग आरोपी की उम्र के सत्यापन के मामले में शुक्रवार को किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई हुई। लेकिन प्रधानाचार्य बोर्ड के समक्ष आधे-अधूरे दस्तावेज के साथ पेश हुए। इसलिए उनके बयान दर्ज नहीं हो सके। बोर्ड ने शनिवार को फिर से सुनवाई की तारीख नियत करते हुए प्रधानाचार्य को पूरे रिकार्ड सहित तलब किया है।
वाकया 28 फरवरी का है, जब ननिहाल में रह रही किशोरी पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गई थी। तभी पड़ोसी गांव के नाबालिग आरोपी ने दुष्कर्म की कोशिश में उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपी की उम्र को लेकर आधार कार्ड पेश किया गया, जिसमें घटना के समय उसकी उम्र 17 साल एक माह थी। इस पर पुलिस स्तर से किशोर न्याय बोर्ड से उम्र का निर्धारण कराने का अनुरोध किया गया है। इसी कड़ी में न्यायालय ने जिस एसबी स्कूल, बमनोई में आरोपी पढ़ा था, उसके प्रधानाचार्य बीएल शर्मा को रिकार्ड सहित बयान देने के लिए तलब किया था। इस मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ता वीरपाल सिंह जादौन ने बताया कि प्रधानाचार्य आधे अधूरे रिकार्ड लेकर आए थे। इसलिए उनके बयान नहीं हो सके। अब न्यायालय ने शनिवार को फिर से तारीख नियत कर प्रधानाचार्य को पूरे रिकार्ड सहित तलब किया है।
हल्का दरोगा ने दिखाई लापरवाही
अधिवक्ता के अनुसार, इस मामले में शुक्रवार को न्यायालय के समक्ष हल्का दरोगा की लापरवाही उजागर हुई। न्यायालय ने एसबी स्कूल बमनोई के प्रधानाचार्य को समन जारी किए थे, जबकि हल्का दरोगा ने उसी गांव के दूसरे विद्यालय के प्रधानाचार्य को समन रिसीव कराकर रिपोर्ट न्यायालय को भेज दी। चूंकि प्रकरण सुर्खियों में था, इसलिए खुद एसओ ने अपने स्तर से एसबी स्कूल के प्रधानाचार्य को न्यायालय जाने के लिए सूचना दे दी थी। जब सच्चाई उजागर हुई तो न्यायालय ने हल्का दरोगा के प्रति नाराजगी व्यक्त की है।
पिता ने की बाल-अपचारी तय करने की मांग
न्यायालय में आरोपी के पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसे बाल अपचारी घोषित करने का अनुरोध किया है। इसे लेकर पिता के बयान भी किशोर न्याय बोर्ड में दर्ज हो चुके हैं।