अकराबाद में अनुसूचित जाति की युवती की हत्या के मामले में पांच संदिग्धों का नारको कराने की पुलिस ने अनुमति मांगी है। बृहस्पतिवार को न्यायालय में इस मामले में सुनवाई के दौरान संदिग्ध पक्ष के अधिवक्ता ने पुलिस की अनुमति अर्जी पर आपत्ति दर्ज कराई। मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। संकेत हैं कि शुक्रवार को न्यायालय स्तर से नारको को लेकर फैसला सुनाया जाएगा।
अकराबाद में घर से लापता युवती की लाश अगले दिन बाजरा के खेते में पड़ी मिली थी। इसके खुलासे को लेकर परिवार की ओर से यहां आंबेडकर पार्क में धरना भी दिया और चंद्रशेखर आजाद भी परिवार से मिलने आए थे। इसी क्रम में पुलिस स्तर से पांच संदिग्धों का नारको परीक्षण कराना तय किया, जिसके लिए न्यायालय से अनुमति मांगी गई। बृहस्पतिवार को इस मामले में दोनों पक्षों की दलील हुईं, जिसमें संदिग्ध पक्ष के अधिवक्ता ने इसे मानवाधिकार का हनन करार दिया। विशेष लोक अभियोजक चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार मामले में न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। संकेत हैं कि शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा।