अकराबाद क्षेत्र में दुष्कर्म की कोशिश में किशोरी की हत्या के बहुचर्चित मामले में बाल अपचारी को अपर सत्र न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। किशोर न्याय बोर्ड के फैसले के खिलाफ बाल अपचारी के परिवार की ओर से दायर की गई दांडिक अपील को एडीजे विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश ओमवीर ने खारिज कर दिया है। साथ में किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को पुष्ट कर दिया है।
मामले में जानकारी देते हुए विशेष लोक अभियोजक संजय शर्मा व लव बंसल ने बताया कि पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपी किशोर को पूछताछ के लिए बैठाया था। कई दिन की पूछताछ के बाद उसने सुनने व बोलने में कमजोर 14 वर्षीय किशोरी की चप्पल आदि बरामद कराई थीं। साथ में स्वीकारा था कि वह अपने खेत पर पानी लगाते समय मोबाइल में पॉर्न वीडियो देख रहा था। तभी किशोरी को देख वह उत्तेजक हो गया और दुष्कर्म की कोशिश में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। परिवार द्वारा पेश किए गए साक्ष्य व मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट के अनुसार उसकी उम्र 16 वर्ष 5 माह 17 दिन निर्धारित की गई।
साथ में डॉक्टरों की टीम व जिला प्रोबेशन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर अपराध समझने योग्य पाया गया। यह भी विवेचना व साक्ष्यों से उजागर हुआ कि पढ़ने लिखने में मन न होने के कारण उसने स्कूल छोड़ा और घर के काम में लग गया। इस आधार पर किशोर न्याय बोर्ड ने 23 नवंबर 2021 को उसकी जमानत खारिज करते हुए प्रकरण किशोर मामलों की सुनवाई वाले अपर सत्र न्यायालय/एडीजे विशेष पॉक्सो अदालत भेज दिया। विशेष लोक अभियोजकों के अनुसार मामले में न्यायालय ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को पुष्ट करते हुए बाल अपचारी के परिवार की ओर से दायर की गई दांडिक याचिका खारिज कर दी है। अब इस मामले में जल्द ट्रायल शुरू कराया जाएगा। बता दें कि सासनी गेट की किशोरी संग हुई घटना की रात व उसके अगले दिन जमकर बवाल हुआ था।