इमरजेंसी लैंडिंग में देर होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
एयरपोर्ट निदेशक सत्यव्रत सारस्वत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में इंजन फेल होने अथवा किसी तकनीकी खराबी की संभावना लग रही है। फिलहाल एयरक्राफ्ट मौके पर ही खड़ा है। डीजीसीए की टीम जांच के बाद ही उसे एयरपोर्ट लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर इमरजेंसी लैंडिंग में देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सिटी मजिस्ट्रेट अतुल गुप्ता ने बताया कि एयरक्राफ्ट को सुरक्षित उतार लिया गया और उसमें किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। डीजीसीए की जांच के बाद ही तकनीकी खराबी का वास्तविक कारण सामने आएगा।
अलीगढ़ एयरपोर्ट पर पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
अलीगढ़ एयरपोर्ट पर इससे पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। वर्ष 2011-12 में एक प्रशिक्षु एयरक्राफ्ट पनैठी के पास खेत में गिर गया था, जिसमें ट्रेनी पायलट घायल हुआ था। वर्ष 2019 में मरम्मत के बाद लौट रहा एक एयरक्राफ्ट उतरते समय बिजली के तारों में उलझकर आग की चपेट में आ गया था। वर्ष 2021 में भी लैंडिंग के दौरान एक एयरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। वहीं मई 2025 में सोलो लैंडिंग के दौरान एक एयरक्राफ्ट एयरपोर्ट की दीवार से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया था।