शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले साल भी एआई का उपयोग करने की तैयारी थी, लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हो पाया था। इस साल, प्रदेश के हर परीक्षा केंद्र पर एआई की मदद ली जाएगी।
इस साल होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को पूरी तरह से नकल-मुक्त बनाने के लिए, अलीगढ़ में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा। अलीगढ़ जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरों को जिला मुख्यालय के सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
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अलीगढ़ जिले में कुल 865 माध्यमिक विद्यालय हैं। पिछले साल 10वीं कक्षा में 62,000 और 12वीं कक्षा में 54,000 छात्रों ने परीक्षा दी थी। शिक्षा विभाग के अनुसार, पिछले साल भी एआई का उपयोग करने की तैयारी थी, लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हो पाया था। इस साल, प्रदेश के हर परीक्षा केंद्र पर एआई की मदद ली जाएगी ताकि परीक्षाएं निष्पक्ष और बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो सकें।
बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरु हो गई हैं। विभाग विद्यालयों का डाटा अपडेट कर रहा है। परीक्षा में सबसे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल निगरानी के लिए होगा। इसमें एआई शामिल है। विभाग इस समय शिक्षकों का डाटा भी अपडेट कर रहा है। - पूरन सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
एआई कैसे काम करेगा
निगरानी: यह न केवल परीक्षा के दौरान छात्रों की गतिविधियों पर नज़र रखेगा, बल्कि रात में प्रश्न पत्र रखे जाने वाले कमरों यानी स्ट्रांग रूम की भी निगरानी करेगा।
अलर्ट सिस्टम: किसी भी अनुचित गतिविधि जैसे कि छात्रों का आपस में बात करना, नकल की कोशिश करना, या स्ट्रांग रूम के खुलने-बंद होने में गड़बड़ी होने पर तुरंत अलर्ट जारी होगा।
कनेक्टिविटी: जिले के कंट्रोल रूम के कैमरे सीधे बोर्ड मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़े जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रहेगी।